Pilot Smit Machar- bharat express
Pilot Smit Machar: इजरायल ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सम्मानित करने का फैसला किया है. इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने 8 अक्टूबर 2026 को ऐलान किया कि मच्छार को ‘प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म’ से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें यह सम्मान दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कथित हाईजैक की कोशिश के दौरान दिखाई गई बहादुरी के लिए दिया जाएगा. बताया गया है कि कॉकपिट में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने ऐसी स्थिति में अहम भूमिका निभाई, जिससे विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने में मदद मिली.
घायल होने के बावजूद नहीं हारी हिम्मत
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कैप्टन स्मित मच्छार की पेशेवर सूझबूझ और साहस की तारीफ की. उन्होंने कहा कि पायलट की कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हर्जोग ने मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद भी जताई. उन्होंने कहा कि जब उनकी सेहत में सुधार होगा, तब वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से यह सम्मान प्रदान करेंगे. यह पुरस्कार उन नागरिकों को दिया जाता है, जिन्होंने खतरनाक परिस्थितियों में दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया हो. इसकी शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के बाद की गई थी.
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में क्या हुआ था?
बताया जाता है कि 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में गंभीर संकट पैदा हो गया था. आरोप है कि विमान के ओमान के को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखी क्रैश एक्स यानी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान पर कब्जा करने की कोशिश की. इस दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इमरजेंसी की स्थिति में विमान महज 30 सेकंड से कुछ अधिक समय में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया. इससे विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया.
यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर की मदद
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे. इसके बाद छह यात्री अंदर पहुंचे और कथित हमलावर को काबू करने में मदद की. विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी स्थिति संभालने में अहम भूमिका निभाई और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया. इसके बाद विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. इस कार्रवाई से विमान में सवार लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद मिली.
छह इजरायली नागरिकों को भी मिला सम्मान
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने इस घटना के दौरान बहादुरी दिखाने वाले छह इजरायली नागरिकों को भी सम्मानित करने का ऐलान किया. इनमें ज्विका और ताली मानेस, यानीव हायुन, डॉ. शोता मुसायेव, असाफ राजुआन और ओर पारदिलोव शामिल हैं. इन सभी ने 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 में पैदा हुए संकट के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए मदद की थी.
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भारतीय पायलट की बहादुरी की हो रही तारीफ
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी इस बात का उदाहरण है कि संकट की घड़ी में पेशेवर सूझबूझ और हिम्मत कितनी अहम हो सकती है. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हालात संभालने में भूमिका निभाई और यात्रियों को मदद का मौका मिला. इजरायल के राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित करने का ऐलान उनकी इसी बहादुरी को पहचान देने वाला कदम है. अब सभी को उनके जल्द स्वस्थ होने का इंतजार है, ताकि उन्हें व्यक्तिगत रूप से यह सम्मान दिया जा सके.
भारत एक्सप्रेस
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