PM Modi Oman visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (18 नवंबर) को कहा कि भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement) दोनों देशों के साझा भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करता है और आने वाले दशकों तक उनके द्विपक्षीय संबंधों को आकार देगा.
मस्कट में आयोजित भारत-ओमान व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक निर्णय बताया जो 21वीं सदी में साझेदारी में नए सिरे से विश्वास और ऊर्जा का संचार करेगा. उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) व्यापार को बढ़ावा देगा, निवेशकों का विश्वास मजबूत करेगा और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगा.
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज हम एक ऐतिहासिक निर्णय ले रहे हैं जिसकी गूंज दशकों तक सुनाई देगी. सीईपीए हमारे साझा भविष्य की रूपरेखा है.” उन्होंने दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं से शिखर सम्मेलन से उत्पन्न गति का लाभ उठाकर व्यापार और निवेश संबंधों को और गहरा करने का आग्रह किया.

व्यापार और निवेश को बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ओमान के व्यापारिक संबंधों में पीढ़ियों से विश्वास कायम है और दोनों एक-दूसरे के बाजारों को अच्छी तरह समझते हैं. उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन द्विपक्षीय साझेदारी को नई दिशा और गति प्रदान करेगा, जिससे यह नई ऊंचाइयों को छू सकेगी.
उन्होंने कहा, “हमारे लोग एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं. हमारे व्यापारिक संबंधों में पीढ़ियों से विश्वास कायम है और हम एक-दूसरे के बाजारों को भली-भांति समझते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि व्यापारिक नेता भारत-ओमान सहयोग के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
Landed in Muscat, Oman. This is a land of enduring friendship and deep historical connections with India. This visit offers an opportunity to explore new avenues of collaboration and add fresh momentum to our partnership. pic.twitter.com/RKZ5d8M1Jf
— Narendra Modi (@narendramodi) December 17, 2025
दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के व्यापारिक नेता सदियों पुरानी व्यापारिक विरासत के उत्तराधिकारी हैं. उन्होंने याद दिलाया कि सभ्यता के उदय से ही भारत और ओमान समुद्री व्यापार में संलग्न रहे हैं. उन्होंने कहा, “मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर एक मजबूत पुल बन गया है. लहरें बदल सकती हैं और मौसम बदल सकते हैं, लेकिन भारत-ओमान की मित्रता हर मौसम के साथ मजबूत होती जाती है और हर लहर के साथ नई ऊंचाइयों को छूती है.”
विश्वास पर आधारित साझेदारी
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-ओमान संबंध विश्वास, मित्रता और दीर्घायु पर आधारित हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 70 वर्ष पूरे कर चुके हैं, जो साझेदारी की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है. उन्होंने यह भी कहा कि यह संबंध विश्वास पर आधारित है और समय के साथ मजबूत हुआ है, और ओमान को एक घनिष्ठ मित्र और समुद्री पड़ोसी बताया.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति से ओमान सहित उसके साझेदारों को लाभ होगा. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, जिससे सहयोग के नए अवसर उत्पन्न होंगे.
उन्होंने कहा, “जब भी भारत प्रगति करता है, तो इससे उसके मित्रों को भी प्रगति करने में मदद मिलती है. भारत की प्रगति पूरे विश्व के लिए लाभकारी है, और विशेष रूप से ओमान के लिए, क्योंकि हम घनिष्ठ मित्र और समुद्री पड़ोसी हैं.”
एक सोशल मीडिया पोस्ट में, प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान को भारत के साथ अटूट मित्रता और गहरे ऐतिहासिक संबंधों की भूमि बताया. उन्होंने कहा कि यह यात्रा सहयोग के नए रास्ते तलाशने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करने का अवसर प्रदान करती है.
प्रधानमंत्री की टिप्पणियों ने भारत-ओमान संबंधों को मजबूत करने और साझा विकास और समृद्धि के भविष्य को आकार देने में सीईपीए की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया.
-भारत एक्सप्रेस
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