देशभर में जारी इंडिगो संकट के बीच एयरलाइन के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता (Vikram Singh Mehta) ने बुधवार को फ्लाइट कैंसिलेशन को लेकर सार्वजनिक माफी मांगी. उन्होंने (Vikram Singh Mehta) साफ कहा कि कंपनी ने अपने ग्राहकों को निराश किया है. साथ ही उन्होंने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया कि इंडिगो ने जानबूझकर यह संकट पैदा किया या सरकारी नियमों को दरकिनार करने की कोशिश की.
वीडियो संदेश में स्वीकारोक्ति
मेहता (Vikram Singh Mehta) ने आठ मिनट के वीडियो संदेश में स्वीकार किया कि 3 दिसंबर से बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्री फंस गए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि एयरलाइन की सेवाएं उम्मीद से पहले ही सामान्य हो गई हैं. उन्होंने (Vikram Singh Mehta) कहा कि यह कंपनी के बेदाग रिकॉर्ड पर एक दाग है, जिसे मिटाने में समय लगेगा.
जांच और सुधार की तैयारी
चेयरमैन (Vikram Singh Mehta) ने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है. इंडिगो ने बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को नियुक्त करने का फैसला किया है ताकि गड़बड़ी के असली कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.
संकट के कारण
मेहता (Vikram Singh Mehta) ने 3 से 5 दिसंबर के बीच की अवधि को सबसे चुनौतीपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि मामूली तकनीकी खामियां, सर्दियों के शेड्यूल में बदलाव, प्रतिकूल मौसम, विमानन नेटवर्क में भीड़भाड़ और नए क्रू रोस्टरिंग मानकों ने मिलकर एयरलाइन की प्रणाली पर भारी दबाव डाला. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई बहाना नहीं है, बल्कि यही सच्चाई है.
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जनता का भरोसा फिर जीतने का वादा
मेहता ने कहा कि कंपनी से चूक हुई है और जनता का भरोसा दोबारा हासिल करने में समय लगेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भरोसा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कंपनी के ठोस कदमों से ही वापस आएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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