Jaanta Raja Ghaziabad 2026: छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम, अदम्य साहस और हिंदवी स्वराज्य की गौरवगाथा को साकार करने वाले विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के मंचन का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. दिव्य प्रेम सेवा मिशन (हरिद्वार) के सेवा प्रकल्पों को समर्पित इस 7 दिवसीय ऐतिहासिक आयोजन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. 22 अक्टूबर से गाजियाबाद के सनसिटी (NH-24) में शुरू होने जा रहे इस महानाट्य से ठीक पहले, 21 अक्टूबर 2026 को कार्यक्रम स्थल पर एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है.
इस प्रेसवार्ता में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. आशीष गौतम ‘भैया जी’ मीडियाकर्मियों से रूबरू होकर आयोजन की अंतिम तैयारियों, तकनीकी बारीकियों और पूरे कार्यक्रम का आधिकारिक ब्योरा साझा करेंगे. इस राष्ट्रीय व सांस्कृतिक गौरव के महाकुंभ का आधिकारिक मीडिया पार्टनर भारत एक्सप्रेस (Bharat Express Media Partner Jaanta Raja) है, जो आयोजन के हर ऐतिहासिक पल और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा विवरण (Jaanta Raja Press Conference)
महानाट्य के विधिवत मंचन से एक दिन पहले आयोजित हो रही प्रेस वार्ता में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. आशीष गौतम ‘भैया जी’, आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, संयोजक विनय चौधरी, महामंत्री दीपक शर्मा और मीडिया प्रभारी रघुवीर रिछारिया की प्रमुख उपस्थिति रहेगी.
तारीख: 21 अक्टूबर 2026
- समय: दोपहर (कार्यक्रम स्थल पर 12:00 से 1:00 बजे के बीच मीडिया संवाद एवं दोपहर का भोजन)
- स्थान: ‘जाणता राजा’ कार्यक्रम स्थल, सनसिटी, NH-24, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)

22 से 28 अक्टूबर का पूरा शेड्यूल
- 22 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 (गुरुवार से बुधवार)
- प्रतिदिन सायं 04:30 बजे से (लगातार 4 घंटे का मंचन)
22 अक्टूबर को उद्घाटन सत्र (Rajnath Singh Inauguration Jaanta Raja)
- मुख्य अतिथि: राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री, भारत सरकार)
- पावन आशीर्वाद: पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज (आचार्य महामंडलेश्वर, जूना पीठाधीश्वर)
- विशिष्ट अतिथि: रामलाल जी (अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – RSS)
नोट- आयोजन स्थल के ‘शिव अवतरण मंडपम्’ में नवरात्रि के पहले दिन से शुरू हुआ वैदिक रुद्राभिषेक 28 अक्टूबर तक अनवरत चलेगा.
250 कलाकार करेंगे भव्य मंचन
गाजियाबाद के सनसिटी में तैयार किया गया मंच किसी आधुनिक थियेटर से कहीं आगे 17वीं सदी के भारत का साक्षात दर्शन कराएगा. मंच पर एक साथ ढाई सौ कलाकार छत्रपति शिवाजी के जीवन की प्रमुख घटनाओं को जीवंत करेंगे.
ऐतिहासिक युद्ध दृश्यों को प्रामाणिक बनाने के लिए वास्तविक हाथी, घोड़े, ऊंट, तोपों, तलवारों और पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग होगा. मंच पर सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ के ऐतिहासिक किलों की विशालकाय व भव्य प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं.

दूधेश्वर नाथ मठ का अमर संकल्प
गाजियाबाद में ‘जाणता राजा’ के मंचन का चयन एक गहरे ऐतिहासिक संदर्भ से जुड़ा है. डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि 16वीं सदी में मुगल आक्रांता औरंगजेब की कैद (आगरा) से निकलने के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज सबसे पहले गाजियाबाद स्थित ऐतिहासिक श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ पहुंचे थे.
यहां उन्होंने विशेष यज्ञ और अनुष्ठान कर ‘हिंदवी स्वराज्य’ की स्थापना का अटूट संकल्प लिया था. भले ही 6 जून 1674 को रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक हुआ, लेकिन उस संप्रभु साम्राज्य का वैचारिक बीज गाजियाबाद की पावन धरा पर ही बोया गया था.

वर्तमान पीढ़ी को बचाने का संदेश
मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम का कहना है कि आज जब कुछ विभाजनकारी ताकतें देश को सीरिया, लीबिया, नेपाल या बांग्लादेश जैसी अस्थिरता की ओर धकेलने का नैरेटिव गढ़ रही हैं और ‘जेन-ज़ी’ (Gen Z) युवाओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास हो रहा है, तब शिवाजी महाराज, माता जीजाबाई और समर्थ गुरु रामदास के संस्कार ही युवाओं को सही दिशा दे सकते हैं. उनकी गुरिल्ला युद्धनीति, नैतिक मूल्य और सैन्य अनुशासन आज पूरी दुनिया के लिए अध्ययन का विषय हैं.
देश के शीर्ष संतों और राजनेताओं का समागम
इस सात दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों की शीर्ष हस्तियां उपस्थित रहेंगी. आध्यात्मिक जगत से महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि, स्वामी चिदानंद सरस्वती, सतुआ बाबा (संतोष दास), महंत रवींद्र पुरी, रामानंदाचार्य सतीश आचार्य, संत मिथिलेश नंदिनी शरण, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण.
जबकि, राजनीतिक हस्तियां में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार, झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला, अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा, सांसद अनुराग ठाकुर और विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) इसमें शामिल होंगे.

15 हजार दर्शक प्रतिदिन
आयोजकों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड से प्रतिदिन 15,000 से अधिक श्रद्धालुओं और दर्शकों के पहुंचने का अनुमान है. मार्च 2026 से ही मिशन की टीमें जुटी हुई थीं और विश्वविद्यालयों, सामाजिक संगठनों के साथ 300 से अधिक गोष्ठियां आयोजित कर युवाओं को इस आयोजन से जोड़ा गया है. ‘भारत एक्सप्रेस’ अपने दर्शकों और पाठकों तक इस भव्य आयोजन की हर हलचल, प्रेस कॉन्फ्रेंस के अपडेट्स और सजीव मंचन के दृश्य निरंतर पहुंचाता रहेगा.
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