दशहरे पर यहां नहीं होता रावण दहन
Dussehra 2026: देशभर में विजयदशमी के दिन रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है, लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन क्षेत्र में तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है. यहां दशहरे के मौके पर रावण के पुतले को जलाने की बजाय उसकी प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है. इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
42 साल पहले हुई थी शुरुआत
इस परंपरा की नींव करीब चार दशक पहले लंकेश नामदेव ने रखी थी. उनका मानना था कि रावण केवल एक राजा ही नहीं, बल्कि महान ज्ञानी और विद्वान भी था. इसी सोच के साथ उन्होंने दशहरे पर रावण पूजन का सिलसिला शुरू किया, जो आज भी जारी है. समय के साथ यह आयोजन इलाके की पहचान बन गया है.
पिता के निधन के बाद बेटों ने संभाली जिम्मेदारी
पिछले वर्ष दशहरे के दिन ही लंकेश नामदेव का हृदय गति रुकने से निधन हो गया था. उनके जाने के बाद परिवार ने इस परंपरा को खत्म नहीं होने दिया. अब उनके बेटे इस आयोजन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं और हर साल पहले की तरह रावण की प्रतिमा स्थापित कर पूजा करते हैं. उनका कहना है कि यह केवल परंपरा नहीं, बल्कि उनके पिता की आस्था और विचारों से जुड़ा सम्मान है.
जीवन के हर हिस्से में दिखी रावण भक्ति
लंकेश नामदेव की रावण के प्रति श्रद्धा का असर उनके जीवन के लगभग हर पहलू में दिखाई देता था. उन्होंने अपने बेटों के नाम इंद्रजीत और मेघनाथ रखे थे, जो रावण के परिवार से जुड़े पात्र माने जाते हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने अपने व्यवसायों के नाम भी “जय लंकेश” से शुरू किए थे. शादी-ब्याह के निमंत्रण पत्रों पर भी विशेष रूप से “जय लंकेश्वराय नमः” लिखवाया जाता था.
आस्था का अपना नजरिया
रावण पूजा से जुड़े लोगों का कहना है कि आस्था का स्वरूप अलग-अलग हो सकता है. उनके अनुसार, रावण को एक विद्वान, शिवभक्त और शक्तिशाली शासक के रूप में भी देखा जाता है. भक्तों का मानना है कि राम और रावण की कथा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है, इसलिए जब तक भगवान राम की चर्चा होगी, तब तक रावण का नाम भी इतिहास और परंपराओं में जीवित रहेगा.
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लोगों में बना रहता है आकर्षण
पाटन में होने वाला यह आयोजन हर साल लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बनता है. दशहरे के दिन यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग इस अनोखी परंपरा को करीब से देखते हैं. यही वजह है कि रावण पूजन की यह परंपरा वर्षों बाद भी चर्चा का विषय बनी हुई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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