Jalam Amritam play: पिछले रविवार शाम संस्कार भारती के कला संकुल में एक विशेष थिएटर सेमिनार हुआ. इस मौके पर ‘अभिनय नाट्य एसोसिएशन’ ने चर्चित नाटक जलम अमृतम का मंचन किया. नाटक खत्म होने के बाद दर्शकों के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र भी रखा गया, जिसमें लोग खुलकर अपनी राय और सवाल साझा कर सके.
नाटक की कहानी और प्रस्तुति
डॉ. मधु पंत द्वारा लिखित और निशा त्रिवेदी के निर्देशन में प्रस्तुत जलम अमृतम ने पानी और जीवन के गहरे रिश्ते को बेहद संवेदनशील अंदाज में दिखाया. लोकेंद्र त्रिवेदी के शोध और संगीत ने प्रस्तुति को और भावनात्मक बना दिया. नाटक ने पानी की कमी और पर्यावरण के दोहन जैसे गंभीर मुद्दों को छुआ और यह संदेश दिया कि पानी सिर्फ संसाधन नहीं, बल्कि जीवन है और इसकी रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है.
संदेश और प्रभाव
लोकेंद्र त्रिवेदी ने सेमिनार में कहा,
“यह नाटक सिर्फ सोचने पर मजबूर नहीं करता, बल्कि बदलाव का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करता है. हमारा प्रयास रहा कि दर्शक सवालों के साथ-साथ समाधान की दिशा में भी सोचें.”
दर्शकों ने इस प्रस्तुति को कला और सामाजिक चेतना का बेहतरीन संगम बताया.
दर्शकों की प्रतिक्रिया
कला प्रेमियों, लेखकों और थिएटर से जुड़े लोगों ने नाटक को समकालीन चिंताओं का सशक्त कलात्मक उत्तर बताया. इंटरैक्टिव सत्र में दर्शकों ने कलाकारों से नाटक की थीम और प्रस्तुति पर विस्तार से चर्चा की.
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कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय कार्यालय सचिव अशोक तिवारी ने कहा कि कला संकुल एक ऐसा पवित्र स्थान है, जहां रचनात्मकता समाज की जागरूकता को पोषित करती है. इस आयोजन ने कला और विचारों को जोड़ते हुए न केवल एक शानदार नाट्य अनुभव दिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश भी छोड़ा.
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-भारत एक्सप्रेस
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