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‘अच्छा है, बधाई देता हूं…’, नीतीश के खास श्रवण कुमार को मिली बड़ी कुर्सी, बेटे निशांत ने दी बधाई

जेडीयू ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्रवण कुमार को अपना नया विधायक दल नेता चुना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई.

रिपोर्ट- आशुतोष


बिहार की सियासत में एक अहम राजनीतिक फैसला सामने आया है. जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्रवण कुमार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. यह फैसला उस समय और भी खास हो गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद उनके नाम पर अंतिम सहमति दी.

कैसे हुआ फैसला?

सोमवार (20 अप्रैल) को जेडीयू विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी. इस बैठक में विधायक दल का नेता चुनने के लिए सभी विधायकों ने नीतीश कुमार को अधिकृत (Authorize) किया था. यानी अंतिम फैसला मुख्यमंत्री के हाथों में ही था. नीतीश कुमार ने काफी सोच-विचार के बाद अपने पुराने साथी श्रवण कुमार के नाम पर मुहर लगा दी है.

श्रवण कुमार को नीतीश कुमार के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है. लंबे समय से वे संगठन और सरकार दोनों स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. उनके अनुभव और राजनीतिक समझ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.

अब वे विधानसभा में जेडीयू विधायक दल की अगुवाई करेंगे और पार्टी के रणनीतिक फैसलों में भी उनकी भूमिका और अहम हो जाएगी.

निशांत कुमार ने दी बधाई

इस पूरे घटनाक्रम पर जब पत्रकारों ने नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता निशांत कुमार से सवाल किया, तो उन्होंने काफी सहज अंदाज में प्रतिक्रिया दी. निशांत कुमार ने कहा, ‘अच्छा है, मैं उन्हें बधाई देता हूं.’

उनका यह छोटा लेकिन स्पष्ट बयान इस बात का संकेत देता है कि पार्टी के भीतर इस फैसले को सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है.

बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा

विधायक दल की बैठक सिर्फ नेतृत्व बदलने तक सीमित नहीं रही. इसमें बिहार भ्रमण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आगामी योजना पर भी चर्चा हुई. पार्टी नेताओं ने राज्य में संगठन को और मजबूत करने तथा जनता से सीधा संवाद बढ़ाने के मुद्दे पर विचार किया.

श्रवण कुमार के नेतृत्व में अब जेडीयू विधानसभा में किस तरह अपनी भूमिका निभाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह फैसला पार्टी की अंदरूनी रणनीति और आने वाले समय की राजनीतिक तैयारियों का हिस्सा हो सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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