KC Tyagi joins RLD Jayant Chaudhary political move: भारतीय राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व दिग्गज नेता केसी त्यागी ने रविवार को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय लोकदल (RLD) की सदस्यता ग्रहण कर ली है. पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने खुद उन्हें पटका पहनाकर दल में शामिल किया. दरअसल जेडीयू से इस्तीफा देने के बाद से ही त्यागी के अगले कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन जयंत चौधरी के न्योते ने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया.
वहीं आरएलडी में शामिल होते ही केसी त्यागी ने अपने इरादे साफ करते हुए कहा कि वे दोनों सदनों के सदस्य रह चुके हैं और अब उनकी उम्र पद पाने की नहीं, बल्कि अनुभव बांटने की है. त्यागी ने भावुक होते हुए कहा कि वे जयंत चौधरी के भीतर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की छवि देखते हैं और उनके जीवन का शेष समय जयंत को मजबूत करने के लिए समर्पित रहेगा.
जयंत चौधरी को ‘किंगमेकर’ बनाएंगे त्यागी?
केसी त्यागी ने आरएलडी ज्वाइन करने के बाद एक बड़ा राजनीतिक लक्ष्य सामने रखा. उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जिस तरह चौधरी चरण सिंह ने मोरारजी देसाई को प्रधानमंत्री के पद तक पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाई थी, वे चाहते हैं कि आने वाले समय में जयंत चौधरी के हाथों से भी देश के प्रधानमंत्री का मनोनयन हो. उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए त्यागी ने भविष्यवाणी की कि 2027 के विधानसभा चुनाव तक आरएलडी इतनी सशक्त हो जाएगी कि जयंत चौधरी ही तय करेंगे कि यूपी की सत्ता की कमान किसके हाथ में होगी. उनका यह बयान पश्चिमी यूपी की राजनीति में एक नई हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है.
चौधरी चरण सिंह की विरासत का जिक्र
राजनीतिक गलियारों में आरएलडी की छवि को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केसी त्यागी ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि असल मायनों में मुसलमानों की हितैषी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल ही है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि आजाद भारत में उत्तर प्रदेश से जितने मुस्लिम सांसद चौधरी चरण सिंह ने बनवाए उतने किसी अन्य दल ने नहीं बनवाए.
वहीं त्यागी ने जयंत चौधरी को किसानों, मजदूरों और अल्पसंख्यकों का असली नेता बताते हुए कहा कि वे अपने 50 साल के राजनीतिक अनुभव का इस्तेमाल पार्टी के विस्तार और सामाजिक एकजुटता के लिए करेंगे. जेडीयू में संवाद की कमी और विस्तार के अभाव का जो आरोप उन्होंने लगाया था, उसे अब वे आरएलडी में पूरा करना चाहते हैं.
1989 से अब तक: एक अनुभवी सफर का नया पड़ाव
बता दें कि किशन चंद त्यागी उर्फ केसी त्यागी का राजनीतिक कद काफी ऊंचा रहा है. गाजियाबाद के रहने वाले त्यागी ने 1970 के दशक में छात्र राजनीति से शुरुआत की थी और 1989 में पहली बार हापुड़ लोकसभा सीट से जीतकर संसद पहुँचे थे. नीतीश कुमार के संकटमोचक माने जाने वाले त्यागी का जेडीयू छोड़ना और आरएलडी में आना एनडीए के भीतर के समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है. आरएलडी के लिए केसी त्यागी का साथ मिलना एक बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है क्योंकि त्यागी न केवल एक कुशल वक्ता हैं, बल्कि उनके पास नीति निर्धारण और गठबंधन की राजनीति का लंबा अनुभव है.
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-भारत एक्सप्रेस
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