Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

खरगोन में आवारा कुत्तों का आतंक: सड़क पर टहल रही बुजुर्ग महिला पर झुंड ने किया हमला, वायरल वीडियो देख सहम जाएंगे आप

मध्य प्रदेश के खरगोन में आवारा कुत्तों के झुंड ने घर के बाहर टहल रही बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया. घटना का CCTV वीडियो वायरल है, जबकि स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही पर गुस्सा जता रहे हैं…

रिपोर्ट- ओमप्रकाश रामणेकर


मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में आवारा कुत्तों की समस्या एक बार फिर जानलेवा रूप ले चुकी है. बीटीआई रोड पर घर के बाहर टहल रही एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग महिला पर अचानक कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया. डर के मारे महिला भागने लगी, लेकिन गिर पड़ी. कुत्ते उस पर बुरी तरह से झपट पड़े. आसपास मौजूद लोगों ने पत्थर फेंककर किसी तरह कुत्तों को भगाया और महिला की जान बचाई. घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिख रहा है कि कुत्तों ने महिला पर किस तरह हमला किया.

घायल महिला को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है. लोग कह रहे हैं कि यह घटना किसी भी नागरिक, बच्चे या बुजुर्ग के साथ हो सकती थी. इससे पहले भी खरगोन में कुत्तों के हमलों में दो बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही.

क्या कह रहे हैं स्थानीय लोग?

स्थानीय लोग आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से तंग आ चुके हैं. मामले पर एक आदमी ने बताया कि रात में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, कुत्ते झुंड में घूमते हैं और किसी पर भी हमला कर देते हैं. जबकि दूसरे ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है, पहले दो बच्चे मारे जा चुके हैं, अब बुजुर्ग महिला पर हमला हो गया, प्रशासन सो रहा है. वहीं एक अन्य व्यक्ति का गुस्सा फूट पड़ा तो बोल पड़ा कि पशु प्रेमी संगठन कुत्तों को पकड़कर छोड़ देते हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकालते. लोग चीख-चीखकर बता रहे हैं कि ये समस्या रोजमर्रा की जिंदगी को दहशत में बदल रही है.

प्रशासन की लापरवाही?

खरगोन में आवारा कुत्तों की संख्या हजारों में बताई जा रही है. नगर पालिका और पशु चिकित्सा विभाग की ओर से सड़क किनारे कुत्तों को पकड़ने या नसबंदी करवाने का कोई ठोस अभियान नहीं चल रहा. लोग आरोप लगा रहे हैं कि पशु प्रेमी संगठनों के दबाव में प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा.

वहीं बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करवाना और वैक्सीनेशन के बाद वापस छोड़ना होता है. लेकिन खरगोन जैसे छोटे शहरों में यह प्रक्रिया धीमी है. लोग मांग कर रहे हैं कि कम से कम आक्रामक कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में रखा जाए.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital