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10 लाख के टेंडर में लगी सिर्फ फाइबर की मूर्ति, टंट्या मामा की प्रतिमा को लेकर खरगोन में बवाल

खरगोन में टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना को लेकर बड़ा घोटाले का आरोप लगा है. कागजों में पत्थर या धातु की मूर्ति लगाने का था वादा, मौके पर लगाई गई सस्ती फाइबर की मूर्ति.

ओमप्रकाश रामणेकर/खरगोन: मध्यप्रदेश के खरगोन शहर में क्रांतिकारी जननायक टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना का मामला गरमा गया है. दरअसल शहर के बिष्टान रोड तिराहे पर विगत दिनों नगरपालिका(Khargone) द्वारा क्रांतिकारी की मूर्ति को लगाया गया था. आरोप यह कि कागजो में पत्थर या धातु की मूर्ति दिखाकर सस्ती फाइबर की मूर्ति की स्थापित कर दी गई है. करीब 10 लाख रुपये का टेन्डर होने के बावजूद फ़ाइबर की सस्ती मूर्ति को लगा दिया गया है.

क्या है पूरा मामला?

मध्यप्रदेश के खरगोन शहर के बिष्टान रोड तिराहे पर विगत दिनों नगरपालिका द्वारा एक मूर्ति लगाए गई. यह मूर्ति क्रांतिकारी जननायक टंट्या मामा की थी. कागजो में मूर्ति की बनाबट को पत्थर या धातु से निर्मित होना बताया गया है. जबकि मौके पर सस्ती फाइबर की मूर्ति की स्थापित कर दी गई है. मूर्ति स्थापना का टेंडर भी करीब 10 लाख रुपये का हुआ था. वही मात्र कुछ हजार रुपये की फाइबर मूर्ति स्थापित कर दी गई. इस प्रतिमा का लोकार्पण विधायक बालकृष्ण पाटीदार ओर कलेक्टर भव्य मित्तल द्वारा किया गया था.

कांग्रेस ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

वहीं कांग्रेस ने मुर्ति खरीदी में भारी भ्रष्टाचार का नगर पालिका परिषद पर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को मय दस्तावेज के साथ शिकायत की गई. शिकायत में बताया कि नगर पालिका परिषद खरगोन ने 24/9/2025 को पीआईसी की बैठक में संगमरमर पत्थर या धातु की मूर्ति लगाया जाना तय हुआ था.

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विज्ञप्ति भी नगर पालिका परिषद खरगोन ने धातु या पत्थर की मूर्ति हेतु निकाली गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कि जब मूर्ति संबंधित फर्म से नगर पालिका परिषद ने प्राप्त की और उसका भौतिक सत्यापन किया होगा. तब भी नगर पालिका परिषद ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया. इसका अर्थ है कि नगर पालिका परिषद में इस कार्य हेतु जिम्मेदार लोगों ने जानबूझकर इसमें भ्रष्टाचार किया है.

प्रसाशन की प्रतिक्रिया क्या रही?

मामला उजागर होने के बाद जिला कलेक्टर ने नगर पालिका (Khargone) के सीएमओ को जांच के आदेश दिए. उसके बाद नगर पालिका परिषद अध्यक्ष छाया जोशी और नगर पालिका सीएमओ द्वारा सफाई देते हुए बताया कि ठेकेदार को मूर्ति की राशि नही देने और उसे ब्लैकलिस्ट करने के बात कही गई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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