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5 प्वाइंट में जानें क्यों पूरी दुनिया कर रही है दिल्ली BRICS Summit की तारीफ?

BRICS Summit 2026 Highlights: नई दिल्ली में संपन्न हुआ 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए एक ऐतिहासिक कूटनीतिक विजय साबित हुआ है. जानिए आखिर क्यों पूरी दुनिया ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ की तारीफ कर रही है.

India's major diplomatic wins at the 18th BRICS Summit in New Delhi, including consensus building, counter-terrorism, and Global South leadership

फोटो क्रेडिट X@narendramodi

BRICS Summit 2026 highlights: वैश्विक स्तर पर गहरे तनाव, युद्ध और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच नई दिल्ली में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए एक बहुत बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक विजय साबित हुआ है. दुनिया के कई देश जहां युद्धों और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण अलग-अलग दिशाओं में खिंचे जा रहे थे, वहीं भारत ने अपनी कूटनीतिक सूझबूझ से न केवल ब्रिक्स को टूटने से बचाया, बल्कि इसे एक मजबूत मंच के रूप में स्थापित भी किया.

आइए जानते हैं वे 5 बड़े बिंदु (BRICS Summit 2026 outcome) जिन्होंने दिल्ली ब्रिक्स समिट को भारत के लिए ऐतिहासिक बना दिया

1. ईरान और यूएई को एक मंच पर लाना (BRICS Summit Diplomatic Victory)

शिखर सम्मेलन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम एशिया में चल रहा भीषण तनाव था. ईरान और यूएई के बीच तीखे मतभेद थे और ईरान द्वारा यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों देश आमने-सामने थे. मई 2025 में विदेश मंत्रियों की बैठक इसी वजह से बिना संयुक्त बयान के समाप्त हो गई थी. लेकिन भारत की कूटनीति के चलते ईरान और यूएई दोनों ने ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ पर हस्ताक्षर किए.

इतना ही नहीं, सम्मेलन के इतर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और आबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई, जो इस संघर्ष के बाद दोनों देशों की सबसे बड़ी कूटनीतिक मुलाकात थी.

2. ब्रिक्स की साख बचाना (BRICS Summit 2026 Latest Update)

विस्तार के बाद ब्रिक्स में 11 देश शामिल हो चुके हैं, जिससे अलग-अलग भू-राजनीतिक हितों के कारण आम सहमति बनाना बेहद कठिन हो गया था. ब्राजील में हुई पिछली बैठकों में भी संयुक्त विज्ञप्ति जारी करने में मुश्किलें आई थीं. ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ को सर्वसम्मति से पारित कराकर यह साबित कर दिया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद यह संगठन पूरी तरह प्रासंगिक और एकजुट है.

3. पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा

भारत के लिए इस सम्मेलन का सबसे बड़ा कूटनीतिक और कड़ा परिणाम आतंकवाद के खिलाफ मिला. नई दिल्ली घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) की कड़े शब्दों में निंदा की गई.

चीन की मौजूदगी और उसके पाकिस्तान के साथ गहरे संबंधों के बावजूद, ब्रिक्स मंच ने सीमा पार आतंकवाद, आतंकी वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर सहमति जताई. भारत ने आतंकवाद को केवल द्विपक्षीय मुद्दा न बनाकर वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक संकल्प के रूप में स्थापित किया.

4. ब्रिक्स को ‘एंटी-US’ बनने से रोकना

रूस पर पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंध हैं और चीन ग्लोबल सुपरमसी के लिए अमेरिका से मुकाबला कर रहा है. ऐसे में यह बड़ा अंदेशा था कि मास्को और बीजिंग के दबाव में ब्रिक्स एक स्पष्ट रूप से ‘अमेरिका विरोधी’ (Anti-US) या पश्चिमी देशों के खिलाफ मंच बन सकता है.

भारत ने अपनी संतुलित कूटनीति से इसे ‘एंटी-वेस्ट’ के बजाय ‘नॉन-वेस्ट’ (Non-West) और विकासशील देशों (Global South) की आवाज बनाए रखा. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और भारत-ब्राजील की स्थायी सदस्यता के दावों को इसमें मजबूत समर्थन मिला.

5. उथल-पुथल भरे दौर में सफल अध्यक्षता (Declaration in BRICS Summit 2026)

रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य एशिया के संघर्षों ने दुनिया की सप्लाई चेन, ऊर्जा बाजारों और खाद्य सुरक्षा को बुरी तरह प्रभावित किया था. ऐसे में भारत ने दुनिया के सबसे विविध और जटिल बहुपक्षीय मंच की सफलतापूर्वक अध्यक्षता की. कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने भी भारत की तारीफ करते हुए इसकी तुलना जी-20 की सफल अध्यक्षता से की और कहा कि भारत ने एक बेहद कठिन दौर में भी दुनिया को एक मंच पर ला दिया.

ब्रिक्स को लेकर पूछे जाने वाले सवाल और उत्तर (BRICS Summit 2026 Question Answer)

  • Q1: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन कहाँ किया गया था?
  • उत्तर: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया.
  • Q2: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में कौन सा ऐतिहासिक दस्तावेज अपनाया गया?
  • उत्तर: सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ (New Delhi Declaration) को अपनाया गया.
  • Q3: ब्रिक्स घोषणापत्र में किस प्रमुख आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई?
  • उत्तर: घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई.
  • Q4: ब्रिक्स समिट के दौरान किन दो देशों के बीच ऐतिहासिक कूटनीतिक मुलाकात हुई?
  • उत्तर: शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई.
  • Q5: भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान किस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया?
  • उत्तर: भारत ने संगठन को ‘एंटी-वेस्ट’ बनाने के बजाय ‘ग्लोबल साउथ’ के विकास, बहुपक्षवाद और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर जोर दिया.

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