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जज साहब के लाडले का खौफनाक तांडव! मर्सिडीज से कुचलकर स्कूटर सवार को सुलाया मौत की नींद

Kochi Mercedes Accident: कोच्चि में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के 17 साल के बेटे ने मर्सिडीज से स्कूटर सवार को कुचल दिया. हादसे में व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आरोपी को तुरंत जमानत मिल गई.

कोच्चि में मर्सिडीज कार की टक्कर से स्कूटर सवार की मौत के बाद घटनास्थल पर जांच करती पुलिस.

Kochi Mercedes Accident: कोच्चि के चेरानेल्लूर इलाके से एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां देर रात एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने तेज रफ्तार मर्सिडीज कार से एक स्कूटर सवार को कुचल दिया. इस दर्दनाक हादसे में 54 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई.

मृतक जयबालकृष्णन अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी बेकाबू कार ने उन्हें टक्कर मार दी. आरोपी नाबालिग को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन जूवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत जमानत मिल गई. पीड़ित परिवार ने जज पर पुलिस थाने में अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है, वहीं गृह मंत्री ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

जज साहब के नाबालिग बेटे ने मर्सिडीज से स्कूटर सवार को कुचला

कोच्चि के चेरानेल्लूर में आधी रात को एक खौफनाक और दर्दनाक सड़क हादसा देखने को मिला. 54 साल के जयबालकृष्णन अपनी छोटी सी दुकान बंद करके, दिनभर की थकान समेटे अपने स्कूटर से घर लौट रहे थे. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और चमचमाती मर्सिडीज-बेंज कार उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगी.

तेज रफ्तार मर्सिडीज ने उड़ाए स्कूटर के परखच्चे

हादसे के समय मर्सिडीज कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर होते ही स्कूटर के परखच्चे उड़ गए और पीड़ित का सामान सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गया. इस जानलेवा ड्राइविंग की सीट पर कोई वयस्क चालक नहीं, बल्कि एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का 17 साल का नाबालिग बेटा बैठा था. बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना किसी जिम्मेदारी के आधी रात को निभाई गई इस खतरनाक रेस ने एक बेकसूर की जान ले ली.

कानून की आड़ और वीआईपी ट्रीटमेंट पर भड़का गुस्सा

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मौत) के तहत मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन नाबालिग होने के कारण जूवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत उसे तुरंत जमानत मिल गई. पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने थाने में जज साहब से पूछा कि नाबालिग को लग्जरी गाड़ी क्यों चलाने दी, तो उल्टा उन्हें ही बदसलूकी सहनी पड़ी. परिवार अब इंसाफ की गुहार लगा रहा है.

कानून के आगे कोई पावरफुल नहीं: गृह मंत्री

मामले के तूल पकड़ते ही केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला का बयान सामने आया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कानून की नजर में सब बराबर हैं और किसी भी पावरफुल व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. सड़क पर तेज रफ्तार गाड़ी से किसी को कुचलना किसी अपराध से कम नहीं है. अब देखना यह होगा कि कार के असली मालिक यानी जज पर क्या कानूनी शिकंजा कसता है या मामला फाइलों में सिमट कर रह जाएगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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