फोटो क्रेडिट- भारत एक्सप्रेस
Kulagadh Bridge Pithoragarh: पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में कुलागाड़ के पास वैली ब्रिज टूटने के 24 घंटे बाद भी वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं हो सका है. इससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के सामने आवाजाही का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. नदी पार करने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर रस्सियों का सहारा लेने को मजबूर हैं. पुल टूटने के बाद क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.
एसडीआरएफ, सेना और पुलिस संभाल रही मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ, सेना और पुलिस के जवान मौके पर तैनात किए गए हैं. जवान ग्रामीणों और अन्य लोगों को जोखिम भरे स्थान से सुरक्षित तरीके से आवाजाही कराने में सहयोग कर रहे हैं. प्रशासन की टीम भी वैकल्पिक मार्ग तैयार करने में जुटी है, ताकि जल्द से जल्द संपर्क बहाल किया जा सके.
बारिश ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किल
धारचूला क्षेत्र में देर रात से लगातार हो रही बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है. बारिश के चलते वैकल्पिक मार्ग बनाने में भी दिक्कतें आ रही हैं. लगातार वर्षा से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण मौके पर काम कर रहे सुरक्षा बलों और प्रशासनिक टीम को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
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कैलास मानसरोवर यात्रा का दल गुंजी में फंसा
कुलागाड़ में वैली ब्रिज टूटने और सड़क बंद होने का असर कैलास मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ा है. यात्रा का नौवां दल वापसी के दौरान मार्ग बाधित होने के कारण गुंजी में फंस गया है. दल को बुधवार देर शाम धारचूला पहुंचना था, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण यात्रियों को गुंजी में ही रोक दिया गया.
जल्द मार्ग खोलने का प्रयास
प्रशासन की प्राथमिकता स्थानीय लोगों के साथ कैलास मानसरोवर यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करना है. अधिकारियों के अनुसार वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का काम जारी है. मौसम और नदी के बढ़े जलस्तर के बीच प्रशासन जल्द से जल्द रास्ता तैयार करने के प्रयास में जुटा है. फिलहाल ग्रामीणों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
भारत एक्सप्रेस
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