देश में LPG की बढ़ती मांग और अफवाहों के बीच सरकार ने सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए हैं. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि अब शहरी इलाकों में सिलेंडर बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतर रखना होगा जबकि ग्रामीण और दूरदराज क क्षेत्रों में यह अंतराल 45 दिन का होगा. सरकार का कहना है कि लोग घबराहट में ज्यादा बुकिंग कर रहे हैं जिससे असुंतलन पैदा हो रहा है.
डिलीवरी के लिए वन टाइन कोड जरूरी
सरकार ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) सिस्टम को और सख्त करने का फैसला किया है. अब सिलेंडर की डिलीवरी तभी दर्ज होगी जब ग्राहक अपने मोबाइल पर आए वन-टाइम कोड से पुष्टि करेगा. फिलहाल यह व्यवस्था 50 प्रतिशत उपभोक्ताओं पर लागू है जिसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत किया जाएगा. इससे गलत सप्लाई और हेरफेर पर रोक लग सकेगी.
कमर्शियल LPG पर नई सीमा
तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे कमर्शियल LPG की मासिक मांग का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही आवंटित करें. इसका उद्देश्य जमाखोरी और काला बाजारी रोकना है. मंत्री ने कहा कि होटल और रेस्तरां उद्योग को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं है बल्कि अवैध बिक्री पर लगाम कसना है.
उत्पादन में बढ़ोतरी निर्देश
पिछले पांच दिनों मे रिफाइनरियों को दिए गए निर्देशों के बाद LPG उत्पादन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. सरकार ने अतिरिक्त LPG की खरीद भी शुरू कर दी है ताकि गरीब और वंचित परिवारों की रसोई में गैस की कमी न हो. अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई दी जा रही है.
निगरानी के लिए समिति बनाई गई
नई व्यवस्था की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसमें इंडियन ऑयल, एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. राज्य प्रशासन और रेस्तरां संघों के साथ बैठकें की जा रही हैं. फील्ड अधिकारी और एंटी अडल्टरेशन सेल भी डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर नजर रख रहे हैं.
कीमतों पर सरकार का बोझ
मंत्री ने बताया कि बिना सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर 913 रुपए में मिल रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से इसकी कीमत करीब 987 रुपए होनी चाहिए थी. सरकार ने 74 रुपए का बोझ खुद उठाया है. उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर अतिरिक्त खर्च बहुत कम पड़ रहा है.
पड़ोसी देशों से सस्ता LPG
भारत में एलपीजी की कीमत पड़ोसी देशों से कम है. पाकिस्तान में सिलेंडर लगभग 1,046 रुपए, श्रीलंका में 1,242 रुपए और नेपाल में 1,208 रुपए का है. सरकार ने बताया कि तेल कंपनियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 30 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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