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Lucknow: KGMU में शिक्षक संघ का चुनाव संपन्न, आम सभा बैठक में निर्विरोध कार्यकारिणी का हुआ गठन, 2 साल का होगा कार्यकाल

केजीएमयू शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. केके सिंह ने कहा कि संघ शिक्षक व केजीएमयू के हित में काम करेगी. शिक्षकों की आवाज उठाने में संघ पीछे नहीं हटेगा.

केजीएमयू शिक्षक संघ के पदाधिकारी

Edited by Nitish Pandey

Lucknow:  केजीएमयू (KGMU) के 20 साल के इतिहास में पहली बार शिक्षक संघ की पूरी कार्यकारिणी निर्विरोध चुनी गई है. बिना चुनाव आम सभा में पुरानी कार्यकारिणी के सदस्यों पर सभी शिक्षकों ने एक स्वर में मुहर लगाई है. अगले दो साल के लिए कार्यकारिणी काम करेगी.

यह जानकारी केजीएमयू शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ. केके सिंह ने दी. डॉ. केके सिंह ने कहा कि संघ शिक्षक व केजीएमयू के हित में काम करेगी. शिक्षकों की आवाज उठाने में संघ पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने कहा कि केजीएमयू शिक्षकों को रिटायरमेंट के बाद ग्रेचुएटी का लाभ नहीं मिल पा रहा ह. क्योंकि पहले शिक्षकों का रिटायरमेंट 60 साल पर होता था, जिसे बढ़ाकर 62 फिर 65 वर्ष कर दिया गया है. नतीजतन ग्रेचुएटी का लाभ शिक्षकों को नहीं मिल पा रहा है, जबकि कई संस्थान के शिक्षकों को यह लाभ प्रदान किया जा रहा है.

शिक्षक संघ ने खड़े किए सवाल

शिक्षक संघ ने केजीएमयू कार्यपरिषद की वैधानिकता पर सवाल खड़े किए हैं. संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कार्यपरिषद में नियमानुसार सदस्य नहीं है. ऐसा तब है जब केजीएमयू के सभी नीतिगत अहम फैसले कार्यपरिषद पास करती है. पदाधिकारियों का आरोप है कि अधूरी कार्यपरिषद का अहम फैसले लेना अनुचित है. शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह, महामंत्री डॉ. संतोष कुमार और कोषाध्यक्ष डॉ. भाष्कर अग्रवाल ने कहा कि कार्य परिषद में कई साल से निर्वाचित सदस्य नहीं हैं. ऐसे में संघ के कम से कम दो सदस्यों को कार्य परिषद की बैठक में बुलाया जाए.

डॉ. केके सिंह का कहना है कि केजीएमयू अधिनियम के अनुसार कार्य परिषद में 22 सदस्य होने चाहिए. इसमें कोर्ट से निर्वाचित चार पंजीकृत स्नातक भी शामिल हैं. फिर भी बीते पांच साल से कार्य परिषद में निर्वाचित सदस्य नहीं हैं.

मौजूदा समय में बामुश्किल 11 सदस्यों को ही कार्य परिषद की सूचना भेजी जाती है, इसमें महज सात-आठ सदस्य ही उपस्थित रहते हैं. आरोप है कि ज्यादातर सदस्य विवि के पदाधिकारी होते हैं. ऐसे में कार्य परिषद कुलपति के हिसाब से ही निर्णय करती है. इसलिए संगठन के दो सदस्यों को विशेष सदस्य के रूप में कार्य परिषद में बुलाया जाए.

ये शिक्षक चुने गए हैं निर्विरोध

केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह, महामंत्री डॉ. संतोष कुमार, उपाध्यक्ष मेडिकल के दो पदों पर डॉ. जेडी रावत और डॉ. मनोज कुमार तथा डेंटल के एक पद पर डॉ.पवित्र रस्तोगी काम करते रहेंगे. संयुक्त सचिव मेडिकल के चार पदों पर डॉ. वाणी गुप्ता, डॉ. शिउली, डॉ. शैलेंद्र सिंह और डॉ. पंकज सिंह को तथा संयुक्त सचिव डेंटल पद पर डॉ. कमलेश्वर सिंह अपने पद पर बने रहेंगे. कोषाध्यक्ष के पद पर डॉ.भास्कर अग्रवाल तथा संयुक्त कोषाध्यक्ष मेडिकल के पद पर डॉ. संगीता कुमारी तथा संयुक्त कोषाध्यक्ष डेंटल के पद पर डॉ अरुणेश कुमार तिवारी काम करेंगे. एडिटर पद पर डॉ. अजय कुमार वर्मा, सचिव-सांस्कृतिक डॉ. अजय कुमार पटवा और सेक्रेटरी-सोशल आउटरीच डॉ. शीतल वर्मा को एक बार फिर मौका दिया गया है.

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देंगे एक-एक दिन का वेतन

महामंत्री डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि हाल में दिवंगत हुईं दंत संकाय की डॉ. दिव्या मेहरोत्रा के लिए सभी शिक्षक अपनी एक-‌एक दिन का वेतन देंगे. इस तरह की दुखद घटनाओं में शिक्षकों की मदद के लिए संघ स्‍थायी कॉपर्स फंड बनाएगी, इसमें सभी शिक्षक कुछ दिन का वेतन स्वैच्छा से देंगे. यह क्रम करीब पांच साल चलेगा. दुखद घटनाओं में शिक्षक व उनके परिवारीजनों की मदद आसानी से की जा सकेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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