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अपने बयान से पलटी Ms Medusssa! मांगी माफी, कहा- ‘शिक्षक होकर भी अपने शब्द समझा न पाई’

पहलगाम आतंकी हमले पर लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर माद्री काकोटी का वीडियो वायरल. सरकार पर तंज से विवाद, सफाई में कहा- मेरा बयान पाक समर्थित आतंकवादियों के लिए था.

Madri Kakoti
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को गुस्से में ला दिया है. इस बीच, लखनऊ यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का गुस्सा भड़का दिया. वीडियो में उन्होंने भारत सरकार पर तंज कसते हुए कहा था कि धर्म के नाम पर भेदभाव करना भी आतंकवाद है. इस बयान पर देशभर में बहस छिड़ गई और लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. विवाद बढ़ने के बाद डॉ. माद्री काकोटी ने सोशल मीडिया पर सफाई दी.

डॉ. माद्री काकोटी की सफाई

डॉ. माद्री ने पोस्ट में लिखा, “पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले पर सरकार से सवाल उठाने वाले मेरे वीडियो और ट्वीट के संदर्भ में मैं स्पष्ट करना चाहती हूं. मेरे ट्वीट और वीडियो में ‘आतंकवादी’ शब्द केवल पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के लिए था, जिन्होंने पहलगाम में धर्म पूछकर भारतीयों की निर्मम हत्या की. ऐसे हमलों और आतंकवादियों की जितनी निंदा की जाए, कम है. भारत की एकता और अखंडता के लिए हमें ऐसी परिस्थितियों में एकजुट रहना होगा. मेरे हर ट्वीट और वीडियो का यही संदेश है.”

उन्होंने आगे कहा, “मुझे दुख है कि एक शिक्षक और भाषा विज्ञान की डिग्री धारक होने के बावजूद मैं अपना संदेश स्पष्ट नहीं कर पाई. मैंने कभी नहीं सोचा था कि संविधान के प्रति मेरे कर्तव्यों का पालन करने पर मुझे पाकिस्तान से जोड़ा जाएगा. इससे मेरी और मेरे विश्वविद्यालय की छवि को ठेस पहुंची है. मेरी देशभक्ति पर सवाल उठे, और मेरे शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया. मैं कल भी देश के साथ थी, आज भी हूं, और हमेशा रहूंगी. जय हिंद, जय संविधान.”

विवादास्पद वीडियो में क्या था?

डॉ. माद्री काकोटी ने अपने वीडियो में सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा था, “धर्म पूछकर गोली मारना आतंकवाद है, और धर्म पूछकर लिंच करना, नौकरी से निकालना, घर न देना या बुलडोजर चलाना भी आतंकवाद है. असली आतंकी को पहचानो.” यह वीडियो पाकिस्तान में खूब वायरल हुआ और वहां के सोशल मीडिया पर इसे शेयर किया गया. इसके बाद भारत में भी इस बयान पर विवाद शुरू हो गया.

उन्होंने वीडियो में आगे कहा, “पहलगाम में 27 लोग मारे गए, जो आम हिंदुस्तानी थे. मीडिया टीआरपी बटोरने में व्यस्त रहा, और जिम्मेदारों से कोई सवाल नहीं पूछा गया. आंतरिक सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक हुई, और गृह मंत्री को पता तक नहीं.”

डॉ. मेडुसा के नाम से मशहूर

डॉ. माद्री काकोटी सोशल मीडिया पर ‘डॉ. मेडुसा’ के नाम से जानी जाती हैं. असम की रहने वाली माद्री अक्सर व्यंग्यात्मक अंदाज में सरकार की आलोचना करती हैं. उनके इस बयान से लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र नाराज हैं और विश्वविद्यालय के कुलपति से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. हालांकि, लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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