लाडकी बहिन योजना स्कैम
Maharashtra Ladki Bahin Yojana Scam: महाराष्ट्र में ‘लाडकी बहिन’ योजना का कुछ लाडले भाई भी फायदे लूटने में माहिर निकले हैं. एक ओर सरकार महिलाओं को सशक्त करने का नारा बुलंद कर रही थी. दूसरी ओर पुरुष चुपके से अपनी जेबें भर रहे थे. पहले तो इसे महज विपक्ष के आरोप बताए गए. हालांकि, सुप्रिया सुले ने 14,000 लाडले भाइयों के नाम उजागर कर दिए. इसमें बताया गया कि 21 करोड़ रुपये की लूट हुई है. मामला सामने आने के बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने ऐसा होने की बात स्वीकार की है. वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने वसूली की बात कही है.
महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. एनसीपी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने दावा किया है कि इस योजना के तहत लगभग 14,000 पुरुषों को लाभ मिला है, जबकि यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए है.
क्या है लाडकी बहिन योजना?
लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है. इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है. इस योजना के तहत, महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है. इस योजना को एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनने के बाद शुरू की थी. उसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी इसे जारी रखा था.
14,000 लाडले भाई ले गए लाभ
सुप्रिया सुले ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि अगस्त 2024 में शुरू की गई इस योजना के लाभार्थियों की सूची में 14,000 पुरुष भी हैं. इनको करीब 21 करोड़ रुपये बांटे गए हैं. सुले ने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि योजना का लाभ लेने के लिए इन आदमियों के नाम किसने और कैसे दर्ज कराए हैं. इसमें सरकार का सारा सिस्टम फेल हो गया.
सरकार ने माना हुआ है कांड
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि अगर ऐसे लाभार्थी पाए गए तो उनसे पैसा वसूला जाएगा. उन्होंने कहा कि लाडकी बहिन योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए है, और अगर पुरुषों ने इसका लाभ उठाया है तो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा.
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि आईटी विभाग के डेटा के अनुसार, लाडकी बहिन योजना के 26.34 लाख लाभार्थी इसके लिए पात्र नहीं थे. उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर पात्र लोगों के लाभ फिर से शुरू किए जाएंगे.
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लापरवाही का नतीजा है घोटाला
महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त करना था. हालांकि, अब यह भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई है. एनसीपी नेता सुप्रिया सुले आरोपों के बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अनियमितताओं को स्वीकार करते हुए वसूली और अपात्र लाभार्थियों की पहचान की बात कही है. इस घोटाले से साफ होता है कि यह प्रणालीगत विफलताओं का उदाहरण है. इसके साथ ही यह कर्मचारियों की लापरवाही का नतीजा है जिस कारण अब सरकार की किरकिरी हो रही है.
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