Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

देवेंद्र फडणवीस का उद्धव ठाकरे को गोल्डन ऑफर, मान गए तो महाराष्ट्र में आएगा सियासत में भुचाल

Maharashtra Politics: मराठी भाषा विवाद को लेकर महाराष्ट्र में सियासी पारा गरम है. इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे को सियासी भुचाल मचाने वाला ऑफर दे दिया है.

Maharashtra Politics Devendra Fadnavis Uddhav Thackeray

फाइल फोटो- 23 मार्च 2023 @IANS

Maharashtra Politics: मराठी भाषा का विवाद पूरे देश में गरम है. महाराष्ट्र और मुंबई में इसे लेकर काफी बवाल भी हो रहा है. सियासी दल दो धड़ों में बंट गए हैं. एक इस मुद्दे को आसानी से हैंडल करने के पक्ष में है. वहीं दूसरा पक्ष इसे मराठी अस्मिता का सवाल बता रहा है और इसका सियासी लाभ लेने के फिराक में है. इस दौरान प्रदेश में सियासी बयानबाजी भी तेज हैं. इसी क्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को तगड़ा ऑफर दे दिया है. यह ऑफर ऐसे समय में आया है जब कुछ दिन पहले ही उद्धव राज ठाकरे के साथ नजर आए थे. भले ही ये बयान मजाकिया हो लेकिन सियासी बाजार में इसके और भी कई मायने निकाले जा रहे हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra CM Devendra Fadnavis) ने उद्धव ठाकरे को साथ आने का निमंत्रण देकर राजनीतिक गलियारों में अटकलों को तेज कर दिया है. बुधवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में सदस्य उस समय आश्चर्य में पड़ गए, जब फडणवीस ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को सत्तापक्ष में आने का ‘ऑफर’ दे डाला. बाद में विधानभवन परिसर में समूह फोटोग्राफी के अवसर पर भी अपने बैठने की जगह को लेकर उद्धव ठाकरे असमंजस में दिखाई दिए.

मजाकिया लहजे में दिया ऑफर

विधान परिषद में नेता विरोधी दल अंबादास दानवे का विदाई समारोह था. वह शिवसेना (यूबीटी) के नेता हैं. उनके विदाई समारोह में हिस्सा लेने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी उपस्थित थे. इसी अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मजाकिया लहजे में उद्धव ठाकरे को संबोधित करते हुए कहा कि उद्धव जी 2029 तक मेरी तो उस तरफ (विपक्ष की ओर) आने की कोई संभावना है नहीं. आप इधर आना चाहें, तो रास्ता निकाला जा सकता है लेकिन उसके लिए कुछ अलग तरीके से सोचना पड़ेगा.

उद्धव ठाकरे ने बताया मजाक

उद्धव ठाकरे ने इस ऑफर को मजाक बताया. उन्होंने कहा कि सदन में ये बातें हंसी-मजाक के रूप में कही गई थीं, उन्हें वैसे ही समझना चाहिए. फडणवीस ने बोलते हुए यह भी याद दिलाया कि अंबादास दानवे कभी भाजपा के ही प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हुआ करते थे लेकिन विधान परिषद सीट के बंटवारे के समय एक सीट तब की अविभाजित शिवसेना के हिस्से में जाने के कारण वह शिवसेना में चले गए थे.

वीडियो देखें: लापरवाही का Live सबूत! गले में सांप डालकर बना रहा था वीडियो, ‘सर्पमित्र’ की खौफनाक मौत

फोटोशूट में बनी असमंजस की स्थिति

विधानभवन की सीढ़ियों के पास हो रही समूह फोटोग्राफी में शामिल होने के लिए जब उद्धव ठाकरे पहुंचे, तो शिवसेना में विभाजन के बाद पहली बार ऐसा अवसर आया जब उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आमने-सामने होना पड़ा. तब शिंदे के बगल में बैठीं विधान परिषद की उपसभापति डॉ.नीलम गोरे ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपने स्थान पर अर्थात एकनाथ शिंदे के बगल में बैठने के लिए सीट छोड़ दी. हालांकि, उद्धव वहां नहीं बैठे. तब उनके लिए नीलम गोरे के दाहिनी ओर की कुर्सी खाली कराई गई और वह वहां बैठे.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital