नई दिल्ली। जमीअत हिमायतुल इस्लाम ने उत्तर प्रदेश इकाई को लेकर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष क़ारी अबरार जमाल ने 19 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की पूरी कमेटी को भंग करने की घोषणा की है। यह कदम संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया है।
क्या कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने?
क़ारी अबरार जमाल ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के लिए एक नई कमेटी और नए ज़िला अध्यक्षों का एलान जल्द ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पुनर्गठन संगठन की ज़मीनी स्तर पर मज़बूती और कार्यकुशलता को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। इस फैसले को संगठन के भीतर एक सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
पूर्व अध्यक्ष ने किया स्वागत
जमीअत हिमायतुल इस्लाम के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती प्यार मुहम्मद क़ासमी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे उत्तर प्रदेश संगठन के लिए एक अच्छा और आवश्यक क़दम बताया है। उनका मानना है कि इससे संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।
मौलाना मेराज क़ासमी बने रहेंगे अपने पद पर
इस बीच, यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में जमीअत हिमायतुल इस्लाम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मौलाना मेराज क़ासमी अपने पद पर बने रहेंगे। संगठन ने उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया है, और नई कमेटी के गठन के बाद भी वे राज्य इकाई का नेतृत्व संभालते रहेंगे।
संगठन की बढ़ती सक्रियता
जमीअत हिमायतुल इस्लाम राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर सक्रिय रहा है। संगठन ने हाल ही में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के समर्थन में अपनी आवाज़ उठाई थी और मदरसा शिक्षा में सुधार की मांग की थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष क़ारी अबरार जमाल ने मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसके अलावा, संगठन ने वक्फ बोर्ड के कामकाज और सुधारों पर भी अपनी राय रखी है।
नई कमेटी से अपेक्षाएं
उत्तर प्रदेश में संगठन की नई कमेटी के गठन के बाद ज़िला स्तर पर जमीअत हिमायतुल इस्लाम को और अधिक सशक्त करने की उम्मीद है। पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस बदलाव को लेकर उत्साह है, और उन्हें उम्मीद है कि नई टीम संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
-भारत एक्सप्रेस
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