Bharat Express DD Free Dish

महाराष्ट्र में मनोज जरांगे ने खत्म किया अनशन, सरकार से बातचीत के बाद लिया फैसला

Maratha reservation protest: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने सरकार से 12 सूत्री प्रस्ताव मिलने के बाद अपना अनशन खत्म किया.

Maratha reservation protest: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों से लंबी बातचीत के बाद अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दिया. शनिवार सुबह उन्होंने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में अनशन शुरू किया था. देर रात सरकार की ओर से 12 सूत्री प्रस्ताव मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया. यह उनका पिछले तीन सालों में नौवां अनशन था.

दिनभर धूप में बैठे रहे जरांगे

शनिवार को जरांगे चिलचिलाती धूप में खुले मैदान में बैठे रहे और सरकार पर दबाव बनाए रखा. इसके बाद मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और बीजेपी विधायक प्रसाद लाड की अगुवाई में सरकारी टीम उनसे मिलने पहुंची. प्रतिनिधियों ने उन्हें लिखित प्रस्ताव सौंपा और हड़ताल खत्म करने की अपील की.

समर्थकों को दिया संदेश

जरांगे ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार 58 लाख पहले से चिन्हित कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाणपत्र देने पर सहमत हो गई है. उन्होंने बताया कि ये दस्तावेज ग्राम पंचायत कार्यालयों में सार्वजनिक किए जाएंगे और संभागीय आयुक्त कार्यालय इनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगा. जरांगे ने कहा कि जिन अधिकारियों ने वैध रिकॉर्ड होने के बावजूद प्रमाणपत्र जारी नहीं किए, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

अलग मंत्रालय की मांग

उन्होंने कहा कि सरकार 15 दिन बाद जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रक्रिया की समीक्षा करेगी. साथ ही उन्होंने मराठा और कुनबी समुदाय के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग को दोहराया. जरांगे ने यह भी बताया कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सरकार ने 15 दिनों के भीतर आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है.

स्वास्थ्य बिगड़ने से चिंता बढ़ी

अनशन के दौरान जरांगे की तबीयत खराब हो गई. डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें बार-बार उल्टी हुई, ब्लड प्रेशर गिर गया और धूप में बैठने से डिहाइड्रेशन हो गया. बिना किसी टेंट के खुले मैदान में बैठे रहने से उनकी हालत बिगड़ती चली गई. डॉक्टरों ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर के अस्पताल में उनकी विस्तृत जांच की जाएगी.

आंदोलन स्थल पर गर्म माहौल

मुंबई से करीब 400 किलोमीटर दूर अंतरवाली सराटी गांव में जरांगे ने भीषण गर्मी में आंदोलन शुरू किया था. जैसे ही विरोध तेज हुआ, कैबिनेट उप-समिति के प्रमुख विखे पाटिल मौके पर पहुंचे और बातचीत के जरिए उन्हें अनशन खत्म करने के लिए राजी किया. उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सकारात्मक तरीके से हल करने के लिए प्रतिबद्ध है.

पुरानी मांगें फिर उठाईं

जरांगे ने मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने, हैदराबाद और सतारा गजट रिकॉर्ड लागू करने और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग दोहराई. उन्होंने ओबीसी समुदाय की तर्ज पर मराठा समाज के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग भी की.

ये भी पढ़ें-जयशंकर संग म्यांमार के राष्ट्रपति की अहम बैठक; द्विपक्षीय सहयोग और साझी विरासत को मजबूत करने पर बनी सहमति

पहले भी कर चुके हैं अनशन

जरांगे इससे पहले भी कई बार भूख हड़ताल कर चुके हैं. पिछले साल 29 अगस्त को उन्होंने मुंबई के आजाद मैदान में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था. सरकार से दो प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद 2 सितंबर को उन्होंने हड़ताल खत्म की थी. अंतरवाली सराटी में हुए उनके पहले अनशन के दौरान पुलिस कार्रवाई ने उन्हें मराठा आरक्षण आंदोलन का चेहरा बना दिया था.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read