होली के रंग कैसे छुड़ाएं? आसान और असरदार 10 तरीके
Mayawati: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत जोरों पर चल रही है. एक तरफ समाजवादी पार्टी हर तरह से बीजेपी को रोकने की कोशिश में है तो वहीं दूसरी बसपा उस पर हमलावर हो गई है. दोनों पार्टियां एक दूसरे पर बीजेपी की बी टीम बताने का आरोप लगाने में लगी हुई हैं. बीते दिनों में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा को बीजेपी की बी टीम बताया था जिसके बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा पर पलटवार किया है. उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सपा द्वारा आरोप लगाना गलत है, विद्वेष पूर्ण है.
मायावती ने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश देख रहा है कि कौन किसकी बी टीम रही है और अभी भी उसी रुप में सक्रिय है.
मायावती ने सपा अध्यक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा, “बीजेपी, सपा और कांग्रेस सभी घोर जातिवादी और बहुजन विरोधी पार्टियां हैं, कोई कम तो कोई ज्यादा है. इसके अलावा, सपा द्वारा विद्वेषपूर्ण आरोप लगा देने से काम नहीं चलेगा. क्योंकि पूरा प्रदेश और देश भी यह देख रहा है कि कौन किसकी बी टीम रही है और अभी भी उसी रुप में सक्रिय है.”
पिछले दिनों सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि “पिछले विधानसभा चुनावों में, बीजेपी दफ्तर में बसपा के उम्मीदवारों को अंतिम रूप दिया. बसपा के प्रत्याशी जीत के लिए नहीं, बल्कि सपा के उम्मीदवारों को जीतने से रोकने के लिए मैदान में उतारे गए थे. बसपा बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर और उसके संस्थापक कांशीराम के रास्ते से भटक गई है. बसपा ने बीजेपी के साथ सांठगांठ की है और उसकी बी-टीम के रूप में काम करती है.”
तब सपा के आरोपों का बसपा नेता उमाशंकर सिंह ने पलटवार करते हुए कहा था “सपा अध्यक्ष खुद बीजेपी की ‘बी टीम’ हैं. सपा बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है और अखिलेश यादव खुद बीजेपी की ‘बी’ टीम हैं. 2017 में सरकार बनते ही बीजेपी ने अखिलेश यादव के कई कामों की जांच शुरू कराई, लेकिन आज तक एक भी जांच में निर्णय सामने नहीं आया.”
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