रिपोर्ट- तनु चौधरी
नई दिल्ली: दिल्ली में अनधिकृत और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने अपना अभियान और तेज कर दिया है. दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शुक्रवार को राजधानी के सभी 12 जोनों में एक साथ प्रवर्तन कार्रवाई की. इस दौरान खतरनाक इमारतों, अवैध निर्माण और मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली (MPD) के साथ भवन उप-नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को निशाना बनाया गया है.
एमसीडी के मुताबिक, दिनभर चले इस अभियान में 25 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया. इसके अलावा 4 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि नियमों के उल्लंघन को लेकर 6 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए. चार मामलों में ध्वस्तीकरण के आदेश भी पारित किए गए हैं. निगम का कहना है कि ये सभी कार्रवाई उन संपत्तियों के खिलाफ की गई, जहां निर्धारित निर्माण नियमों और स्वीकृत योजना का पालन नहीं किया गया था.
कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई
एमसीडी की कार्रवाई राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में हुई. दक्षिण जोन में सत्य निकेतन, दक्षिण-पश्चिम जोन में वसंत कुंज, उत्तरी जोन में बुराड़ी और केशवपुरम जोन में शालीमार बाग में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई.
इसके साथ ही मध्य जोन के कृष्णा पार्क, आदर्श नगर के राजन बाबू रोड और उत्तर-पूर्वी जोन के नेहरू विहार स्थित चंदू नगर में भी ध्वस्तीकरण किया गया.
पुरानी दिल्ली इलाके में भी निगम की टीम ने कार्रवाई की. दिल्ली गेट बाजार, दरियागंज स्थित एक संपत्ति में पांचवीं मंजिल की छत पर बनाए गए दो पैनलों को तोड़कर हटा दिया गया. कार्रवाई के दौरान दरियागंज थाने की पुलिस ने भी एमसीडी टीम को सहयोग दिया.
एक दिन पहले भी चला था बड़ा अभियान
एमसीडी ने बताया कि इससे एक दिन पहले भी राजधानी में व्यापक स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाया गया था. उस कार्रवाई में 41 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया था, जबकि 61 अन्य संपत्तियों को सील किया गया था. इन मामलों में भी मास्टर प्लान और भवन निर्माण से जुड़े नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई थी.
निगम अधिकारियों के अनुसार, ऐसे अभियानों का मकसद सिर्फ अवैध निर्माण हटाना नहीं, बल्कि दिल्ली में निर्माण नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी है. खास तौर पर ऐसे निर्माणों पर नजर रखी जा रही है, जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं.
दिल्ली में PG भवनों का भी सर्वे
इसी अभियान के तहत एमसीडी ने अब दिल्लीभर में पेइंग गेस्ट यानी PG आवासीय भवनों का व्यापक सर्वेक्षण भी शुरू किया है. निगम की टीमें मौके पर जाकर ऐसे भवनों की जानकारी जुटा रही हैं, जहां PG के तौर पर लोगों को ठहराया जा रहा है.
अब तक किए गए फील्ड सर्वे में करीब 1,523 भवनों की पहचान हुई है, जहां PG सुविधाएं संचालित हो रही हैं. इन जगहों पर लगभग 33,500 लोग रह रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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