भारत सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत नौ में से पांच शहरों – दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और सूरत – को 11,000 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की हैं. लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल के लिए ₹4,391 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है, जो वित्त वर्ष 2026 तक शहरों में हरित परिवहन को बढ़ावा देगा.
यह कदम शहरी वायु प्रदूषण को कम करने और टिकाऊ गतिशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
इस योजना के तहत बेंगलुरु को 4,500, दिल्ली को 2,800, हैदराबाद को 2,000, अहमदाबाद को 1,000 और सूरत को 600 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी. भारी उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को यह घोषणा की, जिसमें केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि यह योजना भारत के परिवहन तंत्र को नवाचार और पर्यावरणीय जागरूकता के साथ बदलने की दिशा में एक कदम है.
केंद्र और राज्यों जैसे तेलंगाना, कर्नाटक, दिल्ली और गुजरात के बीच समन्वय इस योजना की सफलता का आधार है.
पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी की सीईओ आंचल जैन ने कहा कि दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क का विस्तार भारत की हरित गतिशीलता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. फरवरी 2025 तक उनकी कंपनी का ऑर्डरबुक 2,845 बसों का था.
यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को भी प्रोत्साहित करेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत को वैश्विक स्तर पर हरित परिवहन में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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