प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के नवनियुक्त प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से टेलीफोन पर बातचीत की. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं. दोनों नेताओं के बीच हुई यह पहली औपचारिक बातचीत भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दोनों देश तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और व्यापक बनाएंगे. दोनों देशों ने यह भी दोहराया कि इंडिया-यूके विज़न 2035 के तहत तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि आने वाले वर्षों में साझेदारी और अधिक मजबूत हो सके.
व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने की उम्मीद
बातचीत में हाल ही में लागू हुए भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (Comprehensive Economic and Trade Agreement) का भी विशेष उल्लेख हुआ. दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति मिलेगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समझौते से मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाकर दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी और दोनों देशों के नागरिकों के लिए रोजगार, निवेश तथा आर्थिक समृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री बर्नहैम ने क्षेत्रीय तथा वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में साझा चुनौतियों से निपटने, वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देने तथा विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी दोनों नेताओं की सहमति बनी.
बातचीत के अंत में दोनों नेताओं ने भविष्य में भी नियमित संवाद बनाए रखने और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया. यह वार्ता ऐसे समय हुई है जब भारत और ब्रिटेन के संबंध व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और शिक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रहे हैं. माना जा रहा है कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह संवाद आने वाले समय में साझेदारी को और व्यापक तथा परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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