नई दिल्ली, 28 मई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के हर गरीब परिवार को अपना पक्का मकान देने के संकल्प को तेजी से पूरा कर रही है. ‘सभी के लिए आवास’ के सपने को साकार करने की दिशा में मोदी सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (PMAY-G) के तहत देश के 12 राज्यों के लिए 10,021.42 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की है. इस फैसले से ग्रामीण इलाकों के लाखों गरीब परिवारों का अपने पक्के घर का सपना बहुत जल्द पूरा होने जा रहा है.
इन 12 राज्यों के ग्रामीण इलाकों की बदलेगी सूरत
केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई यह राशि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक विशेष कार्यक्रम में मंजूर की गई. इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, तमिल नाडु और असम जैसे 12 राज्यों को मिलेगा. मोदी सरकार का लक्ष्य मार्च 2029 तक देश के हर जरूरतमंद परिवार को एक मजबूत आशियाना देना है, जिसके तहत यह बड़ी मदद भेजी गई है.
अब तक 3 करोड़ से ज्यादा परिवारों को मिला अपना आशियाना
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना ने देश के ग्रामीण परिवेश को पूरी तरह बदल दिया है. योजना के तहत तय किए गए 4.95 करोड़ घरों के कुल लक्ष्य में से 3.91 करोड़ घरों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है. सबसे बड़ी सफलता यह है कि अब तक 3.05 करोड़ से अधिक शानदार और पक्के घर बनकर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जिनमें गरीब परिवार सम्मान के साथ रह रहे हैं. चालू वर्ष में घर बनाने का लक्ष्य पिछले साल की तुलना में तीन गुना बढ़ा दिया गया है.
केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि खुशियों का पूरा घर
मोदी सरकार की इस योजना की सबसे खास बात यह है कि लाभार्थियों को केवल मकान नहीं दिया जा रहा, बल्कि उनके जीवन को आसान बनाने वाली तमाम बुनियादी सुविधाएं भी साथ मिल रही हैं. इन घरों में बिजली का कनेक्शन, पीने का साफ पानी, एलपीजी गैस कनेक्शन (उज्ज्वला योजना के तहत), पक्की सड़कें और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं शामिल हैं.
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी मोदी सरकार की योजना
यह योजना देश की ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है. योजना के तहत बनाए गए लगभग 75 प्रतिशत (75%) मकान या तो सीधे महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हैं या फिर वे अपने पति के साथ इसकी संयुक्त मालिक हैं. इससे ग्रामीण समाज में महिलाओं का सम्मान, गरिमा और सामाजिक सुरक्षा बेहद मजबूत हुई है.
केंद्रीय मंत्री ने उन गरीब परिवारों की मदद के लिए भी राज्यों से अपील की है जिनके पास अपनी जमीन नहीं है, ताकि उन्हें जमीन देकर घर बनाने में मदद की जा सके. साथ ही उन्होंने सभी लाभार्थियों से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अपने नए घर के आंगन में एक पौधा लगाने का आग्रह भी किया है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

