Bharat Express DD Free Dish

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से की बात, पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने पर दिया जोर

ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर चिंता जताते हुए संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान पर जोर दिया…

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

ईरान और इजरायल के बीच तनाव जारी है, जिसका असर मध्य एशिया से लेकर यूरोप तक देखा जा रहा है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात पर गंभीर चिंता जताई और संवाद व कूटनीतिक प्रयासों से संकट सुलझाने पर जोर दिया.

मैक्रों से किस मुद्दे पर हुई चर्चा?

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया कि आज अपने दोस्त प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों से बात की. हमने वेस्ट एशिया में बदलते हालात और बातचीत व डिप्लोमेसी की वापसी की जरूरत पर अपनी साझा चिंताओं पर चर्चा की. हम इस इलाके में शांति और स्थिरता को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे और कोशिशों को कोऑर्डिनेट करेंगे. दोनों नेताओं ने माना कि मौजूदा संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है.

खाड़ी देशों के नेताओं से भी हुई बात

इससे पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के शाह हम्माद बिन ईसा अल खलीफा और सऊदी अरब के युवराज एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत की थी. पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान दोनों देशों पर हुए हमलों की निंदा की. उन्होंने कहा था कि दोनों देशों पर हुए हालिया हमले उनकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करते हैं.

यह भी पढ़ें:  चाबहार पोर्ट पर हमला: ईरान और भारत के रिश्तों के बीच अमेरिका ने एक तीर से लगाए दो निशाने? भारत का था तगड़ा इनवेस्टमेंट

भारत की कूटनीतिक सक्रियता

बताते चलें कि भारत ने युद्ध में तटस्थ रुख अपनाया है, लेकिन शांति बहाली के लिए सक्रिय कूटनीति अपनाई जा रही है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ओमान के विदेश मंत्री से भी बात की है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने नई दिल्ली में ईरानी दूतावास जाकर सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शोक जताया और कंडोलेंस बुक पर हस्ताक्षर किए. ये कदम भारत की ‘स्ट्रेटेजिक मैसेजिंग’ का हिस्सा माने जा रहे हैं, जिसमें भारत शांति दूत की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है.

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं और बहरीन-कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. जिसपर इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई की है. वहीं ओमान के पास ऑयल टैंकर पर हमले की खबर ने समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ा दिया है. इसको लेकर भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read