Mumbai BMC Mayor Race: एशिया की सबसे अमीर महानगरपालिका यानी बीएमसी (BMC) चुनावों में ‘महायुति’ (बीजेपी और शिवसेना-शिंदे गुट) ने शानदार जीत दर्ज कर मुंबई पर अपना परचम लहरा दिया है. लेकिन जीत के जश्न के बीच अब असली सियासी ड्रामा शुरू हो चुका है. सवाल यह है कि मुंबई का अगला मेयर (Mayor) कौन होगा? इस सवाल का जवाब तलाशने और सत्ता के बंटवारे को लेकर आज मुंबई में बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के शीर्ष नेताओं की एक हाई-वोल्टेज बैठक होने जा रही है.
आंकड़ों का खेल और दावेदारी (BMC Mayor Conflict in Mumbai)
बीएमसी में सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए 114 सीटों का ‘जादुई आंकड़ा’ चाहिए. चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लंबी छलांग लगाते हुए 89 सीटें जीती हैं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना के खाते में 29 सीटें आई हैं. दोनों को मिलाकर यह आंकड़ा 118 तक पहुंचता है, जो बहुमत से ज्यादा है. आंकड़ों के लिहाज से बीजेपी ‘बड़े भाई’ की भूमिका में है और इतिहास में पहली बार बीएमसी में अपना मेयर बनाने के बेहद करीब है. लेकिन, गठबंधन धर्म निभाते हुए एकनाथ शिंदे गुट ने मौके की नजाकत को भांप लिया है.
ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला? (CM Eknath Shinde On BMC Mayor)
सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट ने मेयर पद के लिए ‘ढाई-ढाई साल’ (Rotational Mayor) का फॉर्मूला सामने रखा है. यानी कार्यकाल का आधा समय बीजेपी का मेयर रहे और आधा समय शिंदे गुट का. आज होने वाली बैठक में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच इसी मुद्दे पर गहन मंथन होगा. बीजेपी चाहती है कि चूंकि उनकी सीटें तीन गुना ज्यादा हैं, इसलिए मेयर पद पर पूरे 5 साल उनका अधिकार होना चाहिए, जबकि शिंदे गुट अपनी भूमिका को निर्णायक बताते हुए हिस्सेदारी मांग रहा है.
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आज की बैठक में क्या होगा? (BMC Mayor Political Power)
आज की बैठक सिर्फ मेयर पद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन और अन्य महत्वपूर्ण पदों के बंटवारे पर भी चर्चा होगी. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अगर बीजेपी 5 साल के लिए मेयर पद अपने पास रखती है, तो शिंदे गुट को मनाने के लिए डिप्टी मेयर और महत्वपूर्ण समितियों में बड़ी हिस्सेदारी दी जा सकती है. मुंबई की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है क्योंकि आज तय होगा कि ‘मातोश्री’ के वर्चस्व को तोड़ने के बाद अब मुंबई की कमान किसके हाथ में होगी.
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