राष्ट्रीय महिला आयोग
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने पंजाब में बढ़ते नशे के खतरे और इसके महिलाओं पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव को रोकने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर एक विशेष उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम का शुभारंभ पंजाब के माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने किया. कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर और पंजाब यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. रेनू विग भी मौजूद रहीं.
अपने संबोधन में माननीय राज्यपाल ने समुदाय आधारित प्रयासों के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “सच्चा बदलाव समुदाय के भीतर से शुरू होता है. महिलाएं अपनी दृढ़ता और प्रभाव के माध्यम से नशा मुक्त समाज बनाने में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं.”
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने अपने संबोधन में पंजाब को ‘योद्धाओं और संतों की भूमि’ बताते हुए कहा कि पंजाब भारत माता का प्रिय पुत्र है. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि नशा केवल एक सामाजिक बुराई नहीं है, बल्कि यह माताओं और पत्नियों के रूप में महिलाओं को असमान रूप से प्रभावित करता है. उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ एक दो-चरणीय पहल की घोषणा की. इस पहल के पहले चरण में पंजाब के आठ सीमावर्ती जिलों में जागरूकता कार्यशालाओं और हितधारकों के परामर्श का आयोजन किया जाएगा.

कार्यक्रम में वकीलों, डॉक्टरों, स्कूल प्रिंसिपलों और धार्मिक नेताओं समेत कई प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया. उन्होंने समस्या के समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया और स्थायी समाधान के लिए अपने सुझाव दिए. इस मौके पर श्रीमती रहाटकर ने कहा, “पंजाब की महिलाएं हमेशा साहस और दृढ़ता का प्रतीक रही हैं. हमें उन्हें सशक्त बनाना और उनके प्रयासों का समर्थन करना होगा ताकि पंजाब अपनी खोई हुई गरिमा को वापस पा सके.”
इसके अलावा, एक महिला जन सुनवाई का आयोजन सेक्टर 6, चंडीगढ़ स्थित यूटी गेस्ट हाउस में किया गया, जहां आयोग की अध्यक्ष ने महिलाओं की लंबित शिकायतों को व्यक्तिगत रूप से सुना और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया.

कार्यक्रम के दौरान, अध्यक्ष ने चंडीगढ़ की मॉडल जेल का दौरा कर कैदियों से मुलाकात की और जेल की सुविधाओं की समीक्षा की. उन्होंने जेल प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जेल का वातावरण संतोषजनक है. राष्ट्रीय महिला आयोग और पंजाब यूनिवर्सिटी का यह संयुक्त प्रयास पंजाब में नशा मुक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. आयोग महिलाओं को सशक्त बनाने और समुदाय आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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