विधायक विभा देवी का औचक निरीक्षण फोटो- भारत एक्सप्रेस
Nawada Bihar Education System Video: नवादा/अमन: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए भले ही लाख दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है. नवादा (Nawada) में शिक्षा व्यवस्था की पोल तब खुल गई, जब जदयू (JDU) विधायक विभा देवी और जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी ने एक सरकारी स्कूल का औचक निरीक्षण किया. चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्कूल जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीएम कार्यालय से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित है. इस स्कूल के खाली क्लासरूम और बदहाली का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
क्लासरूम खाली, कंप्यूटर रूम पर लगा ताला
विधायक विभा देवी (Nawada MLA Vibha Devi) शनिवार को भ्रमण के दौरान अचानक गांधी इंटर विद्यालय पहुंच गईं. जब उन्होंने स्कूल के कमरों का जायजा लिया, तो वहां का नजारा बेहद चिंताजनक था. कई कक्षाओं में एक भी बच्चा मौजूद नहीं था. विधायक ने जब स्कूल के ‘कंप्यूटर रूम’ का निरीक्षण किया, तो देखा कि कमरे में कंप्यूटर और अन्य सामान तो रखे हुए हैं, लेकिन कक्ष संचालित ही नहीं हो रहा था. इस पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि, “आखिर स्कूल को क्या कर दिया है? किस तरह की व्यवस्था में विद्यालय चलाया जा रहा है, जहां बच्चों की उपस्थिति ही नहीं है.”
स्कूल प्रभारी के अजीबोगरीब बहाने (Surprise School Inspection Nawada)
निरीक्षण के दौरान जब विधायक ने बच्चों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए, तो विद्यालय प्रभारी (Gandhi Inter School Nawada) कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए. उन्होंने सफाई देते हुए केवल इतना कहा कि, “बच्चे अभी चले गए हैं.” हालांकि, विधायक ने इस बहाने को सिरे से खारिज करते हुए पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए और शिक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया.
वायरल वीडियो पर भड़के लोग
सोमवार को इस औचक निरीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आम जनता ने बिहार सरकार के बेहतर शिक्षा व्यवस्था के दावों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि जब डीएम ऑफिस के नाक के नीचे स्थित स्कूल का यह हाल है, तो दूर-दराज के गांवों के स्कूलों की क्या स्थिति होगी? पेपर लीक और परीक्षाओं में देरी जैसे मुद्दों से पहले ही जूझ रहे बिहार के लिए इस ‘खाली स्कूल’ का वीडियो एक और बड़ा तमाचा है. अब देखना यह है कि प्रशासन इस घोर लापरवाही पर क्या एक्शन लेता है.
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