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पुलिस का इकबाल खत्म या सम्राट सरकार को खुली चुनौती? नवादा में 12 घंटे में 2 हमले, थाने के बाहर चौकीदार का कत्ल

Nawada Sand Mafia Attack: बिहार के नवादा में पुलिस का इकबाल खतरे में है. बालू माफिया ने कादिरगंज में चौकीदार को बुरी तरह पीता है. वहीं धमौल थाने के गेट पर चौकीदार जितेंद्र पासवान की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई है. सुशासन और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सम्राट चौधरी सरकार में क्या हो रहा है?

Bihar Nawada sand mafia attack Chaukidar murder chalenge Samrat Chaudhary

Nawada Sand Mafia Attack: बिहार के नवादा जिले में बालू और शराब माफियाओं का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि अब पुलिस और प्रशासन के लोग भी उनके निशाने पर हैं. ‘सुशासन’ के दावों के बीच, नवादा में महज 12 घंटे के भीतर कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली दो खौफनाक वारदातें हुई हैं. माफियाओं ने एक चौकीदार को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, तो दूसरे की पुलिस थाने के गेट के ठीक बाहर चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी. इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिहार में अब पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है?

अवैध बालू रोकने पर जानलेवा हमला

माफियाओं के तांडव की शुरुआत 10 मई की शाम को कादिरगंज थाना क्षेत्र (Kadirganj police station Nawada) के बेरमी गांव के पास हुई. यहां बालू माफियाओं के अवैध बालू से लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश करना चौकीदार रामनंदन प्रसाद को भारी पड़ गया. बेखौफ माफियाओं ने उन्हें बीच रास्ते में घेर लिया और लाठी-डंडों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया. इस मारपीट में चौकीदार गंभीर रूप से घायल हो गए.

थाने के सामने ही चौकीदार का कत्ल (Chaukidar Jitendra Paswan murder In Nawada)

कादिरगंज की घटना के चंद घंटों बाद ही (11 मई की सुबह/देर रात) धमौल थाना क्षेत्र (Dhamaul Thana Nawada) में दूसरी और सबसे दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया गया. तुर्कवन गांव के रहने वाले चौकीदार जितेंद्र पासवान धमौल थाना गेट के बाहर खड़े थे. तभी अज्ञात अपराधियों (माफियाओं) ने उन पर अचानक हमला बोल दिया. हमलावर ने जितेंद्र पासवान के पेट में बार-बार चाकू घोंपा, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई.

पुलिस के हाथ अबतक खाली

खून से लथपथ चौकीदार जितेंद्र पासवान को गंभीर हालत में तुरंत पावापुरी के मेडिकल अस्पताल (और पटना) रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. पुलिस ने इस दुखद मौत की पुष्टि कर दी है.

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वारदात के बाद पकरीबरावां एसडीपीओ (SDPO) राकेश कुमार भास्कर और थाना प्रभारी प्रशांत कुमार मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं. लेकिन विडंबना यह है कि थाने के सामने हत्या की इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आरोपी अब भी फरार हैं. 12 घंटे के भीतर रक्षकों पर हुए इन सीधे हमलों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं.



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