(AI IMAGE)
Bihar mlc election results: बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार ने शानदार जीत हासिल की है. इस मुकाबले में बाहुबली विधायक अनंत सिंह के विरोध और जन सुराज की चुनौती को पार करते हुए नीरज कुमार ने अपनी साख बचा ली है, जिसके बाद अनंत सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.
संक्षेप में कहें तो, पटना स्नातक एमएलसी सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार ने जीत दर्ज कर ली है. उनके खिलाफ खड़े होकर जन सुराज समर्थित उम्मीदवार का समर्थन करने वाले बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने जनता के फैसले को स्वीकार किया है, जबकि नीरज कुमार ने अपनी इस जीत को पार्टी की नीति और नेतृत्व की जीत बताया है.
#WATCH | Patna, Bihar: On the Bihar Graduate MLC election results, JD(U) expelled MLA Anant Singh says, “He (Anuj Singh) has lost. There is no question of third or fourth place anymore; the counting is over. It’s clear he has lost. What can one say?… The public is the ultimate master, like God. Whoever they choose wins; whoever they don’t, loses.”
On his recent expulsion and standing with the party leadership, he adds, “The party is the authority; whatever happens, it is the party’s decision. I haven’t made any contribution that would give me a claim over the party…”
— ANI (@ANI) October 28, 2026
अनंत सिंह की पहली प्रतिक्रिया, कहा- जनता का फैसला सर्वोपरि
नीरज कुमार की जीत के बाद बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने कहा कि जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह चुनाव हार चुके हैं और अब गिनती खत्म हो गई है. जनता ने जिसे चुना है, उसका फैसला सर्वोपरि है और वह इसे पूरी तरह स्वीकार करते हैं. उन्होंने यह भी माना कि नीरज कुमार से उनकी पुरानी नाराजगी जरूर थी, लेकिन पार्टी के खिलाफ उनका कोई असंतोष नहीं है.
नीरज कुमार का अनंत सिंह पर तंज
जीत तय होते ही जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने अपने धुर विरोधी अनंत सिंह पर तीखा हमला बोला. उन्होंने मगही अंदाज में तंज कसते हुए कहा, ‘कहां हई रे गुंजन, ले जो मिठइया’ (यानी, कहां हो गुंजन, मिठाई ले जाओ). यह तंज अनंत सिंह और उनके समर्थक गायक गुंजन सिंह पर था, जिन्होंने चुनाव में खुलकर विरोध किया था.
दांव पर थी नीरज कुमार की राजनीतिक साख
यह चुनाव नीरज कुमार के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया था क्योंकि उनकी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह ने उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी. तमाम सियासी उठापटक और विरोध के बावजूद नीरज कुमार ने अपनी सीट बचा ली और इसका श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा एनडीए के शीर्ष नेतृत्व को दिया.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.






