NHAI World Record Andhra Pradesh: NHAI ने आंध्र प्रदेश में चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुद इसकी जानकारी दी. बता दें कि पुट्टपर्थी के पास बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे पर ये रिकॉर्ड बने. इससे पहले दो रिकॉर्ड 6 जनवरी को बने थे. फिर 11 जनवरी को दो और बन चुके हैं। यह काम इतनी तेजी से हुआ कि दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं. बड़ी बात ये है कि इसमें गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्च मानकों का भी पूरा ख्याल रखा गया. यह भारत की इंजीनियरिंग ताकत का शानदार उदाहरण है.
6 जनवरी को बने पहले दो वर्ल्ड रिकॉर्ड क्या?
दरअसल 6 जनवरी NHAI ने पुट्टपर्थी के पास दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए. पहला रिकॉर्ड 24 घंटे में 28.89 लेन किलोमीटर बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने का था. यह तीन लेन चौड़े 9.63 किलोमीटर लंबे खंड के बराबर है। वहीं दूसरा रिकॉर्ड 24 घंटे में 10,655 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने का था. ये दोनों रिकॉर्ड बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा गलियारे पर छह लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने. बताते चलें कि ये (NHAI World Record Andhra Pradesh) विश्व स्तर पर पहली बार हासिल किए गए.
11 जनवरी को बने दो और रिकॉर्ड
11 जनवरी को NHAI ने दो और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए. एक रिकॉर्ड 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट की निरंतर बिछावट का था. दूसरा रिकॉर्ड 156 लेन किलोमीटर यानी तीन लेन चौड़े 52 किलोमीटर लंबे खंड के निरंतर पक्कीकरण का था. इसने पहले के 84.4 लेन किलोमीटर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. ये रिकॉर्ड पैकेज-2 और पैकेज-3 में बने जिसमें काम की रफ्तार और गुणवत्ता दोनों कमाल की थीं.
गुणवत्ता कंट्रोल के लिए क्या किया?
NHAI ने मेसर्स राजपथ इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर काम करते हुए अत्याधुनिक मशीनरी और उपकरण लगाए हैं। जिसमें 70 टिपर, 5 हॉट मिक्स प्लांट, 1 पेवर और 17 रोलर इस्तेमाल हुए. आईआईटी बॉम्बे समेत प्रमुख संस्थानों ने भी क्वॉलिटी कंट्रोल किया. वहीं ओरिजिनल इक्विपमेंट मैनेफैक्चरर्स ने भी इसकी निगरानी की. इससे गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित हुआ।
343 किमी लंबे गलियारे से घटेगा यात्रा का समय
बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारा 343 किमी लंबा और छह लेन का है. यह सुरक्षित, उच्च गति और मनोरम यात्रा देगा. इसमें 17 इंटरचेंज, 10 मार्ग-किनारे की सुविधाएं और 5.3 किमी लंबी सुरंग है जिसका 21 किमी हिस्सा वन क्षेत्र से गुजरता है. बता दें कि इसका काम पूरा होने पर यात्रा दूरी 635 किमी से घटकर 535 किमी हो जाएगी और समय 12 घंटे से घटकर 8 घंटे रह जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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