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नीतीश कुमार का एमएलसी पद से इस्तीफा; नीरज कुमार बोले- ‘नीतीश जैसा कोई नहीं’, PK को बताया ‘राजनीतिक अपराधी’

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (सोमवार) को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में एक अलग मानक हैं और उनका उदाहरण किसी और नेता से नहीं मिल सकता है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (सोमवार) को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इस कदम के बाद पार्टी के अंदर और बाहर राजनीति तेज हो गई है. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इसे लेकर कहा कि नीतीश कुमार की तुलना बिहार में किसी और नेता से नहीं की जा सकती.

उन्होंने कहा कि नीतीश बिहार की राजनीति में एक अलग ही मानक हैं और उनके जैसा नेता अब कहीं दिखाई नहीं देता.

नीरज कुमार ने बताया कि, “राजनीति में नीतीश कुमार एक मिसाल हैं. कोई भी नेता अपनी कुर्सी सिर्फ एक दिन के लिए नहीं छोड़ता. नीतीश ने पहले मांझी को नौ महीने के लिए अपनी कुर्सी दी और अब एमएलसी पद से हटकर भी बिहार में अपनी मौजूदगी का भरोसा दे रहे हैं. यह साबित करता है कि वे सिर्फ पद के लिए नहीं, बल्कि राजनीति और जनसेवा के लिए काम करते हैं.”

प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

नीरज कुमार ने इस मौके पर प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव पर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने प्रशांत किशोर को ‘अंतरराज्यीय राजनीतिक अपराधी’ तक कह दिया. उनके अनुसार, किशोर ने तेजस्वी यादव को असुविधा में डालने का काम किया. उन्होंने कहा कि बिजली की दरों में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है, बस सुबह और शाम के समय दर अलग-अलग लागू होंगी. साथ ही, 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त रहेगी.

कांग्रेस और राहुल गांधी पर कटाक्ष

नीरज कुमार ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया. उनका कहना था कि अब कांग्रेस वैसी नहीं रही जैसी जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के समय थी. उन्होंने कहा कि विदेशों में जाकर देश की नीति की आलोचना करना और आर्थिक हालात की चर्चा करना कांग्रेस के लिए आम बात बन गई है.

ममता बनर्जी के आरोपों पर जवाब

नीरज कुमार ने ममता बनर्जी के आरोपों का भी जवाब दिया. उनका कहना था कि अगर राज्य की मुख्यमंत्री डरती हैं, तो आम जनता की क्या स्थिति होगी. उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी अपने राजनीतिक बचाव के लिए ‘मांस-भाप’ का मुद्दा उठा रही हैं, जबकि वास्तव में राज्य की जनता को इससे कोई फायदा नहीं हुआ. बंगाल में मांस, मछली और अंडा का बंद होना संभव नहीं है और यह सवाल जनता भी पूछ रही है.

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-भारत एक्सप्रेस



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