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नुसरत भरुचा ने इजरायल से सुरक्षित निकालने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया

एक वीडियो में नुसरत हाथ जोड़कर पीएम मोदी का अभिवादन करती नजर आ रही हैं. इस भावनात्मक बातचीत में पीएम मोदी उन्हें कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, “बहुत संकट था आपके लिए… अच्छा हुआ आपने तुरन्त संदेश दिया.”

नुसरत भरुचा ने मीडिया समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. नुसरत 2023 के संघर्ष के दौरान इज़राइल में फंसे भारतीय नागरिकों में से एक थीं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर उनसे मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं.

नुसरत ने लिखा, “समिट में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जीवन में एक बार मिलने वाले अवसर के लिए वास्तव में सम्मानित और बहुत आभारी हूं.” “मोदी जी, आपके अडिग नेतृत्व और हाल ही में संघर्ष के दौरान इज़राइल में फंसे भारतीय नागरिकों, जिनमें मैं भी शामिल हूं, को वापस लाने के लिए आपकी सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के लिए आपको व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देना एक अविश्वसनीय विशेषाधिकार था.”

उन्होंने गुजराती में लिखा, “आप नो आ मुलाक़ात बदल खूब खूब आभार… मारी मते आ ज़िंदगी भर नी यादगीर रह से,” उनसे मिलने के अवसर के लिए अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की.

अच्छा हुआ आपने तुरन्त संदेश दिया: पीएम मोदी

शिखर सम्मेलन के एक वीडियो में नुसरत हाथ जोड़कर पीएम मोदी का अभिवादन करती नजर आ रही हैं. इस भावनात्मक बातचीत में पीएम मोदी उन्हें कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, “बहुत संकट था आपके लिए… अच्छा हुआ आपने तुरन्त संदेश दिया.” नुसरत ने गर्मजोशी से जवाब देते हुए कहा, “आपका तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया.”

2023 में, नुसरत हाइफ़ा अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव में भाग लेने के दौरान युद्धग्रस्त इज़राइल में फंस गई थीं. तनावपूर्ण हालात के बाद उन्हें बचाया गया और वे सुरक्षित घर लौट आईं. मंगलवार को शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, उन्होंने इस घटना और अपने अनुभव शेयर किए.

उन्होंने कहा, “यह ऐसी स्थिति थी जिसके लिए कोई भी आपको तैयार नहीं कर सकता. किताबें भी आपको ऐसी परिस्थितियों में कैसे व्यवहार करना है, यह नहीं सिखा सकतीं. सिर्फ़ 12 घंटों में, मैंने सीख लिया कि असहाय महसूस करने का क्या मतलब होता है. हमें लगता है कि हम बहुत होशियार, पढ़े-लिखे लोग हैं. लेकिन ज़िंदगी आपको ऐसी स्थिति में डाल देती है जहाँ इनमें से कोई भी चीज़ मायने नहीं रखती.”

वे मेरे जीवन के सबसे मुश्किल घंटे थे: नुसरत

इसे अपने जीवन का सबसे कठिन समय बताते हुए नुसरत ने कहा, “वे मेरे जीवन के सबसे मुश्किल घंटे थे. मुझे नहीं लगता था कि मैं अपने परिवार या दोस्तों को फिर से देख पाऊंगी. मैं फ्लैश से गुजर रही थी. मुझे लगा कि अब यह खत्म हो गया है, यह खत्म हो गया है.” उन्होंने सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी और भारतीय अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए समापन किया.


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-भारत एक्सप्रेस



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