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विधायक खरीद फरोख्त मामले में उमर अब्दुल्ला पर बीजेपी हावी, कहा- नोटिस का जवाब तो देना होगा

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधायकों को खरीद-फरोख्त वाले बयान दिए थे. इस पर भाजपा नेताओं ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने भाजपा को बदनाम करने के लिए ये आरोप लगाए हैं.

Omar Abdullah

Omar Abdullah

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के एक बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था कि उनकी सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की जा रही है. उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा है.

भाजपा नेताओं का कहना है कि उमर अब्दुल्ला ने बिना प्रमाण के पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की है. पार्टी ने दावा किया कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और ऐसे में उसके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों को हल्के में नहीं लिया जा सकता.

भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने कहा कि उमर अब्दुल्ला को अब अपने बयान का जवाब देना होगा. उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से पहले ही 30 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया जा चुका है. इल्मी ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने जिन विधायकों को कथित तौर पर लालच दिए जाने की बात कही है, उनके पास इस दावे को साबित करने के लिए क्या सबूत हैं.

उन्होंने कहा कि अगर उमर अब्दुल्ला तय समय के अंदर यह स्पष्ट नहीं कर पाते कि किसने विधायकों से संपर्क किया, उन्हें किस तरह का प्रलोभन दिया गया और इसके पीछे क्या मकसद था, तो भाजपा इसे कानूनी तौर पर आगे बढ़ाएगी. पार्टी का कहना है कि झूठे आरोपों को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी साधा निशाना

जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने भाजपा के एक वरिष्ठ नेता पर उनकी सरकार गिराने और विधायकों को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाया है. यह भाजपा जैसी बड़ी राजनीतिक पार्टी पर सीधा आरोप है, इसलिए मुख्यमंत्री को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी.

सत शर्मा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के पास कोई जानकारी है तो उन्हें संबंधित व्यक्ति का नाम सार्वजनिक करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है और इसी वजह से पार्टी ने कानूनी रास्ता अपनाया है. भाजपा की कानूनी टीम ने मुख्यमंत्री को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने 100 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करने का फैसला किया है. भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने किया उमर अब्दुल्ला का बचाव

वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान का समर्थन किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता शेख बशीर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोई गलत बात नहीं कही. उन्होंने केवल इतना कहा है कि चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे होने चाहिए और अगर विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश होगी तो सवाल उठाए जाएंगे.

शेख बशीर ने कहा कि जनता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को अपना समर्थन देकर सरकार बनाने का मौका दिया है. उन्होंने भाजपा पर जनादेश को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि भाजपा के पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं, इसलिए सरकार बनाने के लिए उसे दूसरे विधायकों का समर्थन चाहिए होगा.

इस बीच भाजपा नेता साजिद यूसुफ शाह ने भी उमर अब्दुल्ला के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अगर यह दावा किया है कि किसी विधायक को 20 से 30 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई, तो उन्हें इसके ठोस सबूत सामने रखने चाहिए.

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-भारत एक्सप्रेस 



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