फोटो: बहरेटा सानी गांव के पास एक एयरफोर्स का लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त.
अप्रैल–मई 2025 के दौरान भारत द्वारा चलाए गए निर्णायक सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) को अभूतपूर्व क्षति पहुंचाई है. सैटेलाइट इमेजरी, इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस, और मल्टी-सोर्स रिपोर्ट्स पर आधारित इस आकलन के अनुसार, पाकिस्तान को कुल $3.35 बिलियन डॉलर (करीब ₹27,900 करोड़ रुपये) की वित्तीय क्षति हुई है. इसमें हवाई और ज़मीनी हथियारों का विनाश, सैन्य अभियानों का खर्च, तथा एयरबेस व इन्फ्रास्ट्रक्चर की तबाही शामिल है.
ऑपरेशन में सबसे बड़ा झटका पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों को लगा. हवाई युद्धों और ग्राउंड स्ट्राइक्स में कुल 8 F-16 और 4 JF-17 विमान मार गिराए गए, जो पाकिस्तानी वायुसेना के लिए रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तरों पर करारा झटका है. वायुयुद्ध में ही कुल $524.72 मिलियन डॉलर के नुकसान की पुष्टि हुई है, जिसमें Saab 2000 AEW&C, IL-78 रिफ्यूलिंग टैंकर, Bayraktar TB2 ड्रोन और मिसाइलें भी शामिल हैं.
ज़मीनी स्ट्राइक्स: रणनीतिक ढांचे को तगड़ा झटका
जमीनी स्तर पर भी भारत की प्रिसीजन स्ट्राइक्स ने पाकिस्तान की युद्ध-संरचना को पंगु कर दिया. चार अतिरिक्त F-16 विमान, एक C-130H हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, HQ-9 सतह से हवा में मार करने वाली बैटरी और दो मोबाइल कमांड सेंटर्स नष्ट हुए, जिससे पाकिस्तान को $599.52 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ. ऑपरेशन के दौरान PAF की सतत हवाई गश्त, ड्रोन और मिसाइल लॉन्चिंग, और सीमा पर सैन्य तैनाती में पाकिस्तान ने $1.61 बिलियन डॉलर खर्च किए, जिससे उसके रक्षा बजट पर बड़ा असर पड़ा.
इस अभियान में भारत ने न केवल दुश्मन के सैन्य ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि PAF के दो प्रमुख एयरबेस—PAF नूर खान और मुशाफ (सरगोधा)—को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया. हेंगर, कंट्रोल सेंटर्स, रडार और कमांड इन्फ्रास्ट्रक्चर के नष्ट होने से पाकिस्तान की पुनर्निर्माण लागत $225 मिलियन डॉलर तक जा पहुंची.
कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य योजना, इंटेलिजेंस नेटवर्क और सटीक हमले की क्षमता का स्पष्ट प्रतीक है. यह अभियान न केवल सामरिक रूप से निर्णायक सिद्ध हुआ है, बल्कि पाकिस्तान को यह भी बता गया है कि सीमा पार की हर उकसावे की कीमत उसे बहुत भारी चुकानी पड़ेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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