अभिषेक पाण्डेय, लातूर
Maharashtra Elections: महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मियों के बीच AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवेसी (Asaduddin Owaisi) ने ऐसा बयान दिया है जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. लातूर की एक जनसभा में ओवेसी ने मतदाताओं को अजीबोगरीब सलाह दी. उन्होंने कहा कि अगर विरोधी दल पैसे बांटते हैं तो वो पैसे ले लो लेकिन उस पैसे से घर में खाना मत लाओ बल्कि टॉयलेट बनवाओ.
विरोधियों पर साधा निशाना
ओवेसी (Asaduddin Owaisi) ने मंच से दहाड़ते हुए विपक्षी दलों पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि अगर दूसरी पार्टियां आपको पैसे दे रही हैं तो यह सिर्फ इसलिए है क्योंकि मैदान में AIMIM खड़ी है. उन्होंने मतदाताओं से कहा कि विरोधियों का पैसा हराम की कमाई है, इसलिए उसे घर के अंदर इस्तेमाल मत करो. उस पैसे को अपवित्र बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल घर के बाहर टॉयलेट बनाने में करो. साथ ही वोटिंग के वक्त बटन सिर्फ पतंग के निशान पर दबाने की अपील की.
क्या है बयान के मायने?
ओवेसी के इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं. भ्रष्टाचार पर हमला करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों के पैसे को जनता की लूट बताया. वहीं, नैतिकता का दांव खेलते हुए उन्होंने मतदाताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश की लेकिन चुनावी पंडित सवाल उठा रहे हैं कि क्या मतदाताओं को पैसे लेने के लिए उकसाना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है.
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विपक्ष और चुनाव आयोग की नजर
ओवेसी का यह टॉयलेट फॉर्मूला विरोधियों को रास नहीं आ रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि चुनाव आयोग इस बयान पर क्या कदम उठाता है और विपक्ष इस टॉयलेट वार का जवाब किस तरह देता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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