मुंबई, 13 मई 2025: भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और उसके सहयोगी देशों से भारत पर भीषण साइबर हमलों की बौछार हुई है. महाराष्ट्र साइबर सेल की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, 7 पाकिस्तानी और विदेशी हैकर ग्रुप्स ने भारत की महत्वपूर्ण सरकारी और रणनीतिक वेबसाइटों को निशाना बनाते हुए अब तक 15 लाख से अधिक साइबर अटैक किए हैं.
स्पेशल IGP महाराष्ट्र साइबर, यशस्वी सिंह यादव ने भारत एक्सप्रेस से खास बातचीत में बताया कि इन हमलों में केवल 150 अटैक ही सफल हो पाए, यानी 99.99% हमले भारत की साइबर सुरक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिए. इस रिपोर्ट का शीर्षक “Road of Sindoor” है, जिसे सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों, डीजीपी और राज्य खुफिया विभाग को सौंपा गया है.
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
– हमलों की शुरुआत पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मोरक्को और मिडिल ईस्ट के विभिन्न समूहों द्वारा की गई.
– हमलों में APT-36, Pakistan Cyber Force, Team Insane PK, Mysterious Bangladesh, India HackSec, Cyber Group HOAX1337 और National Cyber Crew (Pakistan Allied) जैसे समूह शामिल हैं.
– इन समूहों ने भारत की क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे चुनाव आयोग, एयरपोर्ट्स, रक्षा संस्थानों और नगर परिषदों को निशाना बनाया.
– 150 सफल हमलों में से कुछ में बडलापुर नगर परिषद, जालंधर स्थित डिफेंस नर्सिंग कॉलेज, और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) की वेबसाइट को डिफेस किया गया.
– CSMIA और टेलीकॉम कंपनियों का डाटा चोरी होने का दावा भी किया गया है, जिसमें से कुछ डाटा डार्क वेब पर भी देखा गया.
पाकिस्तानी हैकर्स की रणनीति:
– हमलों में मैलवेयर कैंपेन, DDoS (Distributed Denial of Service) अटैक, GPS स्पूफिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया.
– भारतीय वेबसाइट्स को डिफेस किया गया, परंतु अधिकतर हमले समय रहते विफल कर दिए गए.
– झूठे दावे भी फैलाए गए जैसे भारत की पावर ग्रिड, उत्तरी कमांड, और ब्रह्मोस मिसाइल स्टोरेज फैसिलिटी पर साइबर अटैक हुआ है, जो पूरी तरह भ्रामक पाए गए.
फेक न्यूज और मिसइन्फॉर्मेशन का जाल:
– ऑपरेशन सिंदूर के तहत महाराष्ट्र साइबर सेल ने 5000 से ज्यादा फर्जी पोस्ट और मिसइन्फॉर्मेशन को ट्रैक कर सोशल मीडिया से हटाया.
– इन पोस्ट्स में भारत की बैंकिंग प्रणाली, राज्यव्यापी ब्लैकआउट, और सैटेलाइट जैमिंग जैसे दावे किए गए थे.
युद्ध विराम के बाद भी साइबर जंग जारी:
हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन पाकिस्तानी हैकरों ने हमले बंद नहीं किए। रिपोर्ट के अनुसार, हमलों की संख्या कम जरूर हुई है, लेकिन पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और मिडिल ईस्ट से साइबर अटैक अभी भी जारी हैं.
साइबर हमलों के पीछे एक सुव्यवस्थित हाइब्रिड वॉरफेयर रणनीति
भारत पर हो रहे इन साइबर हमलों के पीछे एक सुव्यवस्थित हाइब्रिड वॉरफेयर रणनीति है, जिसमें तकनीकी हमला, दुष्प्रचार और मनोवैज्ञानिक युद्ध एक साथ चलाया जा रहा है. हालांकि भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक इस युद्ध में साहस और सतर्कता से मुकाबला किया है और दुश्मन के मंसूबों को लगभग पूरी तरह विफल किया है. डिजिटल सुरक्षा को लेकर भारत की इस लड़ाई में आम नागरिकों को भी सतर्क रहना होगा, ताकि देश के डिजिटल मोर्चे को मजबूत रखा जा सके.
-भारत एक्सप्रेस
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