संसद के विशेष सत्र में जिस ऐतिहासिक बदलाव की पटकथा लिखी जा रही थी, वह लोकसभा में बहुमत के आंकड़ों के चक्रव्यूह में फंसकर रह गई है. इस बड़े सियासी झटके के बाद अब सबकी निगाहें पीएम मोदी पर टिक गई हैं. खबर है कि आज रात 8:30 बजे पीएम मोदी देश को संबोधित करेंगे. अटकलें तेज हैं कि इस संबोधन में प्रधानमंत्री कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं, जो देश की सियासत की दिशा बदल सकता है.
रात 8:30 बजे क्या कहेंगे पीएम मोदी?
संसद के 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष सत्र का अंत इस तरह होगा, इसका अंदाजा शायद ही किसी को था. अब जब बिल गिर चुका है और विपक्ष पर ‘महिला विरोधी’ होने का आरोप लगाकर बीजेपी सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है, ऐसे में पीएम मोदी का आज रात का संबोधन बेहद अहम हो जाता है.
क्या पीएम मोदी इस मुद्दे को सीधे जनता की अदालत (2029 चुनाव) में ले जाने का शंखनाद करेंगे? या फिर महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सरकार कोई नया और अप्रत्याशित ‘प्लान-बी’ पेश करेगी?
विपक्ष के खिलाफ BJP का ‘हल्ला बोल’
बिल के गिरते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों ने आक्रामक रुख अपना लिया है. पार्टी आलाकमान ने विपक्ष के खिलाफ देशभर में बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, BJP ने अपनी सभी राज्य इकाइयों को सख्त निर्देश दिया है कि देश के हर जिले, हर ब्लॉक में विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन आयोजित किए जाएं.
लोकसभा में कैसे गिरा बिल?
इस बिल का मुख्य मकसद बिना नई जनगणना का इंतजार किए महिलाओं को 33% आरक्षण जल्दी लागू करना और लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करना था. शुक्रवार को लोकसभा में इस अहम बिल पर कुल 528 सांसदों ने वोटिंग की.
- बिल के पक्ष में वोट: 298 सांसद
- बिल के विरोध में वोट: 230 सांसद
चूंकि यह एक संविधान संशोधन बिल था, इसलिए इसे पास करने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई (2/3) बहुमत आवश्यक था. इस गणित के हिसाब से सरकार को 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन वह 298 वोटों पर ही सिमट गई. जरूरी बहुमत न जुटा पाने के कारण यह ऐतिहासिक बिल खारिज हो गया.
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लोकसभा में 298 बनाम 230 की इस वोटिंग ने स्पष्ट कर दिया है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लकीरें अब पहले से ज्यादा गहरी हो चुकी हैं. महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बिल का गिरना सरकार के लिए तकनीकी हार जरूर है, लेकिन इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. अब देश की धड़कनें रात 8:30 बजे के इंतजार में तेज हैं; यह देखना दिलचस्प होगा कि हार के इस झटके के बाद पीएम मोदी अपने चिर-परिचित अंदाज में कौन सा नया सियासी दांव चलते हैं.
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