PM Modi German Chancellor Meeting: पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को गांधीनगर में एक साझा बयान जारी कर आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे गंभीर खतरा बताया. दोनों नेताओं ने संकल्प लिया कि भारत और जर्मनी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे. महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए.
‘आतंकवाद पूरी मानवता का दुश्मन’
साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा है. भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे. इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की वकालत की. पीएम ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में बदलाव जरूरी है और G4 (भारत, जर्मनी, ब्राजील, जापान) के जरिए हमारा संयुक्त प्रयास इसी दिशा में है.
गुजराती अंदाज में स्वागत
जर्मन चांसलर का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने गुजराती संस्कृति का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि गुजरात में हम कहते हैं ‘आवकारो मिठो आपजे रे. यानी स्नेह और आत्मीयता से स्वागत करना. हम इसी भावना से चांसलर का स्वागत करते हैं. पीएम ने बताया कि भारत में 2,000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं, जो दोनों देशों के मजबूत आर्थिक रिश्तों का सबूत है.
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75 साल और भविष्य की साझेदारी
पीएम मोदी ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष मना रहे हैं. यह केवल समय का आंकड़ा नहीं, बल्कि विश्वास और साझा महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक है. वार्ता के दौरान रक्षा, सुरक्षा, ग्रीन एनर्जी और शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया. अब भारत में जर्मन कॉलेजों के कैंपस खुलेंगे. रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा. नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों की प्राथमिकताएं समान हैं, जो भविष्य के लिए गेमचेंजर साबित होंगी.
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