PM Modi Pongal Celebration: पीएम मोदी ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित पोंगल समारोह में शिरकत की. पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए पीएम मोदी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य साझा किया. उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारी थाली भी भरी रहे, हमारी जेब भी भरी रहे और हमारी धरती भी सुरक्षित रहे.” पीएम ने किसानों (अन्नदाता) की मेहनत और प्रकृति के संरक्षण पर जोर देते हुए यह बात कही.
पोंगल ‘ग्लोबल फेस्टिवल’- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल अब सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ‘ग्लोबल फेस्टिवल’ बन चुका है. दुनिया भर में जहां भी तमिल समुदाय के लोग हैं, वे इसे उत्साह से मनाते हैं. पीएम ने कहा, “मैं भी उन लोगों में से एक हूं जो तमिल संस्कृति से प्रेम करते हैं. इस पवित्र पर्व को आप सबके साथ मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है.
तमिल विरासत: पूरे भारत की धरोहर
तमिल संस्कृति की महानता का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है. उन्होंने कहा, “तमिल संस्कृति पूरे भारत की साझा विरासत है.” पीएम ने अपने पिछले एक साल के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे ‘काशी तमिल संगमम’ और रामेश्वरम में पंबन ब्रिज के उद्घाटन के दौरान उन्होंने इस संस्कृति की ऊर्जा को महसूस किया. उन्होंने कहा कि पोंगल जैसे त्योहार ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत करते हैं.
ये भी पढ़ें: थाईलैंड में बड़ा रेल हादसा, क्रेन गिरने से ट्रेन पटरी से उतरी; 22 की मौत, 30 से ज्यादा घायल
राष्ट्र निर्माण के साथी मिट्टी और किसान
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि प्रकृति के प्रति आभार केवल शब्दों में नहीं, बल्कि जीवनशैली में दिखना चाहिए. उन्होंने ‘अमृत सरोवर’, ‘मिशन लाइफ’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए सस्टेनेबल और नेचुरल फार्मिंग की वकालत की. उन्होंने कहा कि किसानों से ही आत्मनिर्भर भारत को शक्ति मिल रही है और अगली पीढ़ी के लिए मिट्टी की सेहत बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



