दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ ग्लोबल डिप्लोमेसी का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट में दुनिया के कई दिग्गज नेताओं के साथ मीटिंग्स की है. जिसका मकसद आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और व्यापार पर भारत को दुनिया के साथ मिलाकर आगे ले जाना है.
आज सुबह, PM मोदी ने AI और डीपटेक स्टार्टअप्स के 16 CEO के साथ एक राउंडटेबल मीटिंग की. उसके बाद, उन्होंने एक के बाद एक 7 बाइलेटरल मीटिंग कीं. इनमें से 4 मीटिंग लिकटेंस्टीन, स्लोवाक रिपब्लिक, श्रीलंका और मॉरिशस देशों के लीडर्स के साथ हुईं. एक और मीटिंग UN सेक्रेटरी जनरल के साथ हुई. उन्होंने लीडिंग टेक और AI कंपनियों – ओपन AI और क्वालकॉम के CEO के साथ भी 2 मीटिंग कीं.
पीएम मोदी की सबसे अहम मुलाकातों में से एक स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ रही. दोनों नेताओं के बीच बातचीत का दायरा काफी बड़ा था. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में डिफेंस, स्पेस, एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टरों में हाथ मिलाने पर चर्चा हुई.
मुलाकात के बाद राष्ट्रपति पेलेग्रिनी खासे उत्साहित दिखे. उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर भारत की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने इस समिट के जरिए लीडर्स और बिजनेस दिग्गजों को एक मंच पर लाकर कमाल कर दिया है. उन्होंने कहा कि “AI का फायदा सिर्फ कुछ खास लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लोकतांत्रिकरण होना चाहिए ताकि आम आदमी का जीवन आसान हो सके.”
“AI must serve people”, I shared this simple message at AI Impact Summit. It should help a nurse, a teacher, and a small business owner in real life.
Slovakia is ready to connect innovation with trust, with strong energy foundations and growing compute capacity.
The success of… pic.twitter.com/1c6HejqTwx— Peter Pellegrini (@PellegriniP_) February 19, 2026
पीएम मोदी की डिप्लोमेसी की रडार पर सिर्फ बड़े देश ही नहीं, बल्कि लिकटेंस्टीन जैसे महत्वपूर्ण देश भी रहे. उन्होंने वहां के राजकुमार एलोइस फिलिप मारिया से मुलाकात की. इस बातचीत का मुख्य केंद्र ‘इंडिया-ईएफटीए’ (EFTA) समझौते के बाद पैदा हुए निवेश के अवसरों को भुनाना था. दोनों देशों ने तय किया है कि वे स्किल डेवलपमेंट और नई टेक्नोलॉजी में एक-दूसरे का साथ देंगे.
पड़ोसी देश श्रीलंका के साथ भी रिश्तों की मजबुती महसूस की गई. पीएम मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की है. इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ भी मोदी की लंबी बातचीत हुई, जिसमें वैश्विक विकास और एआई के नैतिक इस्तेमाल पर मंथन किया गया.
क्या है इन मुलाकातों का मतलब?
इन मुलाकातों का असर भारत की इकॉनमी और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर पड़ने वाला है. भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और रणनीतिक एजेंडा 2030 को लेकर जो तेजी आई है, उसे इन मीटिंग्स से और मजबूती मिली है.
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-भारत एक्सप्रेस
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