प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर दिल्ली में उनकी जिंदगी और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कुछ अनसुने और मानवीय प्रसंगों पर आधारित एक नई किताब पाठकों के सामने आने जा रही है. वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार और लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्नवाल की पुस्तक ‘मोदी कथा’ का लोकार्पण 17 सितंबर को नई दिल्ली में किया जाएगा. किताब को प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया है.
किताब का विमोचन केंद्रीय कानून एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल करेंगे. कार्यक्रम 17 सितंबर, गुरुवार को शाम 5 बजे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के जनपथ स्थित समवेत सभागार में आयोजित होगा.
इस मौके पर आईजीएनसीए के अध्यक्ष राम बहादुर राय कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे. वहीं आईजीएनसीए के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद जोशी, आज तक के वरिष्ठ एंकर सईद अंसारी और एबीपी न्यूज की वरिष्ठ एंकर चित्रा त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगी.
राजनीति से अलग, इंसान के रूप में मोदी को समझने की कोशिश
‘मोदी कथा’ डॉ. हरीश चंद्र बर्नवाल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी पांचवीं पुस्तक है. लेखक के मुताबिक, यह किताब सामान्य राजनीतिक विश्लेषण या समीक्षा नहीं है. इसमें नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़ी 10 वास्तविक घटनाओं के जरिए उनके व्यक्तित्व के मानवीय पहलू को सामने रखने की कोशिश की गई है.
किताब में पिछले करीब 25 वर्षों से जुड़े अनुभवों और संस्मरणों को आधार बनाया गया है. इन प्रसंगों के जरिए संवेदनशीलता, करुणा और आम लोगों के साथ उनके जुड़ाव को दिखाने का प्रयास किया गया है.
रेल यात्रा से लेकर नेपाल के जीत बहादुर तक
किताब में कई ऐसे प्रसंग शामिल हैं, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी के आम लोगों से जुड़ने के अलग-अलग पहलू सामने आते हैं. इनमें 1990 की एक रेल यात्रा का किस्सा भी है. लेखक के अनुसार, उस यात्रा के दौरान युवा नरेंद्र मोदी के व्यवहार ने दो महिला यात्रियों की नेताओं को लेकर बनी धारणा को बदल दिया था.
एक अन्य कहानी नेपाल के जीत बहादुर की है. बताया गया है कि मोदी ने उन्हें एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह अपने करीब रखा और प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उन्हें भुलाया नहीं.
इसी तरह शिक्षिका गीताबेन और दृष्टिबाधित छात्र पिंकल से जुड़ा प्रसंग भी किताब में जगह पाता है. इसमें एक संवेदनशील मुलाकात के बाद दृष्टिबाधित छात्रों के लिए केंद्रीय बजट में विशेष प्रावधान किए जाने का उल्लेख किया गया है.
आम लोगों की जिंदगी से जुड़े कई प्रसंग
‘मोदी कथा’ में आगरा की मासूम तैयबा की मदद और हुबली के मजदूर चंद्रकांत से जुड़ी कहानी भी शामिल है. इन घटनाओं के जरिए किताब का फोकस बड़े राजनीतिक मंचों से हटकर उन लोगों पर जाता है, जिनकी जिंदगी में किसी सार्वजनिक व्यक्ति की छोटी-सी पहल भी बड़ा बदलाव ला सकती है.
लेखक का कहना है कि पुस्तक की खास बात इसकी प्रामाणिकता है. किताब में शामिल प्रत्येक कहानी के अंत में उसके स्रोतों का उल्लेख किया गया है. इसका मकसद पाठकों को घटनाओं की पृष्ठभूमि समझने के साथ-साथ उनकी सत्यता को खुद जांचने का अवसर देना है.
पत्रकारिता और लेखन में लंबा अनुभव
डॉ. हरीश चंद्र बर्नवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं. उन्होंने न्यूज18 इंडिया, एबीपी न्यूज, एनडीटीवी, जी न्यूज और डीडी न्यूज जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. फिलहाल वह राजनीतिक विश्लेषण पर आधारित अपना यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं.
उनकी अब तक 11 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं. इनमें ‘मोदी सूत्र’, ‘मोदी नीति’, ‘सच कहता हूं’, ‘टेलीविजन की भाषा’ और ‘संघ की अनसुनी कहानियां’ प्रमुख हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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