Bharat Express DD Free Dish

मिडिल ईस्ट युद्ध का भारत पर क्या होगा असर? पीएम मोदी ने खुद संभाला मोर्चा; CCS की बैठक में दिए सख्त निर्देश

US Israel Iran conflict: पश्चिम एशिया में भड़कती युद्ध की आग के बीच पीएम मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. उन्होंने CCS की बैठक कर ऐसा ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है, जिससे आम भारतीय पर इस वैश्विक संकट की आंच नहीं आएगी.

US Israel Iran conflict PM Modi CCS meeting

US Israel Iran conflict: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में लगातार गहराते युद्ध और तनाव के बीच भारत पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक प्रभावों को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्शन मोड में आ गए हैं. वैश्विक उथल-पुथल की आंच भारत के आम आदमी तक न पहुंचे, इसके लिए पीएम मोदी ने बुधवार को 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की एक विशेष और अहम बैठक की अध्यक्षता की. इस उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रालयों की रणनीति की समीक्षा की और कड़े निर्देश जारी किए.

पीएम मोदी का सख्त निर्देश (PM Modi CCS Meeting)

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता देशवासियों को इस वैश्विक अस्थिरता के प्रभावों से सुरक्षित रखना है. उन्होंने अधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे ऐसे सभी जरूरी कदम उठाएं जिससे आवश्यक वस्तुओं की कमी न हो और आम आदमी की जेब पर बोझ न पड़े. इसके साथ ही पीएम मोदी ने अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए जनता तक सही और सटीक जानकारी पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया.

पीएम मोदी का महंगाई रोकने का ‘फुलप्रूफ’ प्लान

युद्ध के कारण अक्सर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित होती है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पहले ही इसका विकल्प तैयार कर लिया है. कैबिनेट सचिव ने जानकारी दी कि एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) अब किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग देशों से मंगाए जा रहे हैं.

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी के दाम स्थिर रखे गए हैं. भीषण गर्मी में बिजली का संकट न हो, इसके लिए गैस आधारित बिजली संयंत्रों को नियमों में कुछ छूट दी गई है और थर्मल पावर स्टेशनों तक ज्यादा कोयला पहुंचाने के कड़े प्रबंध किए गए हैं.

राज्यों को निगरानी के निर्देश

वैश्विक संकट का फायदा उठाकर कोई कालाबाजारी न कर सके, इसके लिए पीएम मोदी ने सख्त रुख अपनाया है. कृषि उत्पादों, खाद (यूरिया और डीएपी), सब्जियों और फलों की कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए विशेष ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित किए गए हैं. राज्यों को साफ निर्देश दिया गया है कि वे खाद और राशन की जमाखोरी करने वालों पर पैनी नजर रखें और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.

ये भी पढ़ें: ‘ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका…’, अमेरिकी रक्षामंत्री बोले- मैं नई सत्‍ता से कह रहा हूं डील करो वरना और बड़े हमले होंगे

समुद्री सुरक्षा पर भारत का जोर

पीएम मोदी ने सिर्फ घरेलू मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने की रणनीति बनाई है. ऊर्जा और खाद की निर्बाध सप्लाई के लिए दुनिया भर में नए स्रोत तलाशे जा रहे हैं. इसके साथ ही, भारत आने वाले समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिए कूटनीतिक और नौसैनिक प्रयास भी लगातार जारी हैं.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read