प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (2 जुलाई 2026) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक ऐसा दिल छू लेने वाला और प्रेरणादायक संदेश साझा किया है, जिसने इंटरनेट पर आते ही तहलका मचा दिया है. पीएम मोदी ने देश के युवाओं और नागरिकों को सफलता का मूल मंत्र देते हुए साफ कहा कि जीवन में निरंतर प्रयास, अटूट धैर्य, मजबूत दृढ़ संकल्प और खुद पर आत्मविश्वास ही वह चाबी है जो बंद किस्मत के ताले खोल सकती है.
प्रधानमंत्री का यह संदेश सिर्फ एक सामान्य पोस्ट नहीं है बल्कि यह भागदौड़ भरी जिंदगी में निराश हो चुके लोगों के भीतर एक नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच फूंकने वाला महा-मंत्र बनकर उभरा है. सोशल मीडिया पर लोग इसे व्यक्तिगत विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत बता रहे हैं.
निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है। जीवन में वही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंचता है, जो धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहता है।
नानाश्रान्ताय श्रीरस्तीति रोहित शुश्रुम।
पापो नृषद्वरो जन इन्द्र इच्चरतः सखा चरैवेति॥ pic.twitter.com/BxavAF7Luj
— Narendra Modi (@narendramodi) July 2, 2026
ऐतरेय ब्राह्मण के श्लोक से समझाया सच
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस प्रेरक संदेश को और ज्यादा गहरा और तार्किक बनाने के लिए भारत के प्राचीन ग्रंथ ऐतरेय ब्राह्मण (7.14) से लिया गया एक बेहद पवित्र और शक्तिशाली संस्कृत श्लोक साझा किया है. पीएम मोदी द्वारा पोस्ट किए गए श्लोक-‘नानाश्रान्ताय श्रीरस्तीति रोहित शुश्रुम, पापो नृषद्वरो जन इन्द्र इच्चरतः सखा चरैवेति’-का जो सार सामने आया है, वह किसी की भी आंखें खोलने के लिए काफी है.
इस श्लोक का सीधा और सच्चा मतलब यह है कि जो व्यक्ति बिना थके लगातार प्रयास करता रहता है, समृद्धि और सफलता केवल उसी के कदम चूमती है. इसके विपरीत, जो इंसान निष्क्रिय होकर बैठ जाता है, वह जीवन की रेस में बहुत पीछे छूट जाता है. यह श्लोक साफ संदेश देता है कि हमारा भाग्य भी तभी आगे बढ़ता है जब हम खुद आगे बढ़ने की हिम्मत दिखाते हैं.
पीएम जारी किया श्लोक का विडिओ
इस ऐतिहासिक संदेश के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से एक बेहद आकर्षक और उच्च गुणवत्ता वाला वीडियो भी अटैच किया गया है, जो दर्शकों को सीधे भारत की समृद्ध विरासत से जोड़ता है. इस वीडियो में प्राचीन भारतीय मंदिरों की भव्यता और एक राहगीर (पथिक) के निरंतर चलते रहने की खूबसूरत कलात्मक छवियों को पिरोया गया है.
वीडियो के बैकग्राउंड में इस संस्कृत श्लोक का हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद इतनी सादगी और गहराई के साथ प्रस्तुत किया गया है कि देखने वाले मंत्रमुग्ध हो रहे हैं. यह वीडियो हर दर्शक के दिल को सीधे ‘चरैवेति चरैवेति’ यानी ‘बस आगे बढ़ते रहो, कभी मत रुको’ के उस शाश्वत और कभी न मिटने वाले सनातन संदेश से जोड़ देता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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