AI Impact Summit: दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस समिट के उद्देश्य को बताते हुए ट्वीट किया. जिसको लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि “बुद्धिमत्ता, तर्कसंगतता और निर्णय लेने की क्षमता विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनता के लिए उपयोगी बनाती है. इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य यह पता लगाना भी है कि एआई का उपयोग सभी के लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है.
पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित भी किया साझा
पीएम मोदी ने इसको लेकर एक संस्कृत सुभाषित भी साझा कि “शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा. ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥” जोकि बुद्धि के आठ प्रमुख गुणों का सुंदर वर्णन करता है. इसमें पहले ज्ञान की तीव्र इच्छा (शुश्रूषा) से श्रवण (सुनना), फिर ग्रहण (समझना), धारण (याद रखना) की प्रक्रिया बताई गई है. इसके बाद ऊहापोह (तर्क-वितर्क), अर्थविज्ञान (गहन अर्थ बोध) और अंत में तत्त्वज्ञान (सत्य का ज्ञान) से बुद्धि परिपूर्ण होती है. यह नीतिशास्त्र का महत्वपूर्ण सूत्र है जो शिक्षा की क्रमिक अवस्थाओं को दर्शाता है. निबंधन के लिए यह बताता है कि सच्ची बुद्धि क्रमबद्ध चिंतन से विकसित होती है.
बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय-क्षमता विज्ञान और टेक्नोलॉजी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाती हैं। India AI Impact Summit का उद्देश्य भी यही है कि कैसे एआई का इस्तेमाल सर्वजन के हित में हो।
शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा।
ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥ pic.twitter.com/qytLZxv1uh
— Narendra Modi (@narendramodi) February 17, 2026
युवाओं का सामर्थ्य दिखाता है यह समिट
प्रधानमंत्री ने इससे पहले कहा था कि भारत की 140 करोड़ जनता की बदौलत हमारा देश एआई परिवर्तन में अग्रणी है. डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना से लेकर जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और अत्याधुनिक अनुसंधान तक, एआई के क्षेत्र में हमारी प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है. यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है.
AI इम्पैक्ट समिट में क्या है खास?
19 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाली एआई इम्पैक्ट समिट खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ग्लोबल साउथ में पहला अंतरराष्ट्रीय एआई समिट है, जो समावेशी, जिम्मेदार और प्रभावशाली एआई भविष्य की दिशा तय करने का लक्ष्य रखता है. यहां करीब 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस एक्सपो के 10 एरीना में वैश्विक टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थान, शोध संगठन, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग लेंगे.
इसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड जैसे 13 देशों के पवेलियन भी लगाए गए हैं जो एआई इकोसिस्टम में वैश्विक सहयोग दिखाएंगे. वहीं ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ थीम पर 300 से अधिक क्यूरेटेड प्रदर्शनी पवेलियन, लाइव डेमो होंगे, जिसमें 600+ हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप्स जनसंख्या स्तर के एआई समाधान पेश करेंगे.
वहीं आयोजकों के अनुसार, इस समिट में 500 से ज्यादा सत्रों में कुल 2.5 लाख से अधिक लोगोनब लके आन की उम्मीद है, जिसमें कि कुल 3,250 वक्ता-पैनलिस्ट शामिल होंगे. विशेषज्ञ मानते हैं कि 2027 तक 17 अरब डॉलर के भारत एआई बाजार के लिए यह समिट वैश्विक साझेदारी, नवाचार और नेतृत्व का बड़ा कदम साबित होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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