पीएम मोदी ने रविवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत की, जिसमें कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया. पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों के साथ इस बातचीत को ‘बेहद प्रोडक्टिव’ (अत्यंत उत्पादक) बताया.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर लिखा, “मेरे मित्र राष्ट्रपति मैक्रों के साथ आज की मीटिंग बहुत फायदेमंद रही. हमारे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को देखते हुए हमने अपने संबंधों को एक विशिष्ट व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है. हमारी बातचीत रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, सुरक्षा, काउंटर-टेररिज्म, इनोवेशन जैसे खास क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर फोकस रही.”
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति
उन्होंने एक अन्य ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत और फ्रांस अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. इस मामले में भारत-ईयू (India-EU) मुक्त व्यापार समझौते से बहुत ज्यादा बढ़ावा मिलेगा. हम जरूरी मिनरल्स और तकनीक में सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए आर्थिक सुरक्षा पर एक डायलॉग भी शुरू कर रहे हैं. स्वास्थ्य और शिक्षा दूसरे क्षेत्र हैं, जिनमें हम मिलकर काम करेंगे.”
वहीं, मैक्रों ने पीएम मोदी के साथ एक सेल्फी साझा कर ‘नाइस’ (नीस शहर के संदर्भ में) लिखा था. पीएम मोदी ने इसे रिशेयर कर लिखा, “नीस में आपसे मिलकर खुशी हुई. यात्रा का पहला चरण बेहद सफल और सार्थक रहा. भारत-फ्रांस साझेदारी नई ऊंचाइयों को छूती रहेगी. एवियन और पेरिस में मिलते हैं.”
कानपुर में खुलेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
नीस में दोनों नेताओं के बीच हुई मीटिंग के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को जल्द लागू करने की मांग की, जो आपसी व्यापार और निवेश को बढ़ाने का एक खास मौका देता है. नेताओं ने एसएमई (SMEs), एविएशन और रेलवे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की. उन्होंने कानपुर में एरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनाने के समझौते का स्वागत किया. आर्थिक सुरक्षा पर डायलॉग शुरू करने का स्वागत करते हुए दोनों नेता सप्लाई चेन की मजबूती, खासकर जरूरी मिनरल्स को मजबूत करने पर सहमत हुए.”
स्पेस सेक्टर में बढ़ेगी प्राइवेट भागीदारी
बयान में आगे कहा गया कि दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष में निजी क्षेत्र के साथ सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की और कहा कि भारत का ‘शांति एक्ट’ दोनों देशों के बीच छोटे और एडवांस्ड मॉड्यूलर रिएक्टरों (Advanced Modular Reactors) सहित सहयोग के नए मौके बनाता है.
जॉइंट AI वर्किंग ग्रुप का गठन
भारत और फ्रांस के संबंधों में इनोवेशन और तकनीक की अहम भूमिका को पहचानते हुए दोनों पक्षों ने साझेदारी को लंबे समय की दिशा देने के लिए ‘इनोवेशन रोडमैप 2030’ अपनाया. इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त भारत-फ्रांस एआई वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमति बनी.
ये भी पढ़ें: मिडिल-ईस्ट के महा-युद्ध पर लगा पूर्णविराम! अमेरिका-ईरान के फैसले से खुश हुए पीएम मोदी, बोले-‘मैं इस समझौते का…’
नीस में ‘भारत इनोवेट्स’ के संयुक्त उद्घाटन और पेरिस में होने वाले ‘विवाटेक’ (Vivatech) में प्रधानमंत्री की आगामी भागीदारी ने डीप-टेक, सेमीकंडक्टर, एग्री-टेक, मेड-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाया है.
नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

