PM Modi Indonesia Visit
PM Modi Indonesia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया इंडोनेशिया दौरे की खास झलकियां देशवासियों के साथ साझा की हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के जरिए उन्होंने इस यात्रा के महत्वपूर्ण पल दिखाए और कहा कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और साझा मूल्यों पर आधारित हैं. प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों की साझेदारी को एक नई दिशा और नई गति देगी.
बच्चों के स्वागत ने जीता दिल
करीब पांच मिनट के इस वीडियो की शुरुआत बेहद भावुक दृश्य से होती है. छोटे-छोटे बच्चे मुस्कुराते हुए “वेलकम मोदी जी” कहते दिखाई देते हैं. वीडियो में एक बच्चा “आई लव यू, मोदी जी” भी कहता है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. इसके बाद प्रधानमंत्री के औपचारिक स्वागत, इंडोनेशिया की संसद में उनके संबोधन, वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किए जाने और भारतीय समुदाय के उत्साहपूर्ण स्वागत की झलकियां दिखाई गई हैं.
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो का विशेष रूप से आभार जताया. उन्होंने कहा कि उन्हें जो सम्मान मिला है, वह केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों, इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं और दोनों देशों की दशकों पुरानी मित्रता का सम्मान है.
The India-Indonesia friendship is strong and vibrant! 🇮🇳 🇮🇩@prabowo pic.twitter.com/U57syfi670
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
रिश्तों में आई नई ऊर्जा
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई ऊर्जा, नया विश्वास और नई गहराई देखने को मिली है. वर्ष 2018 में शुरू हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब पहले से कहीं अधिक मजबूत होती नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है और भविष्य में भी यह साझेदारी कई नए क्षेत्रों तक पहुंचेगी.
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति प्रबावो की एक टिप्पणी का भी जिक्र किया. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर किसी चीज़ पर कॉपीराइट नहीं हो सकता, तो वह दोनों देशों के बीच का प्रेम और अपनापन है. इस टिप्पणी ने वहां मौजूद लोगों का भी ध्यान खींचा.
लोकतंत्र और विकास का साझा संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया एक साथ खड़े होते हैं, तो दुनिया के सामने यह संदेश जाता है कि लोकतंत्र केवल शासन की व्यवस्था नहीं, बल्कि अवसर, विश्वास और बेहतर भविष्य का आधार भी है. उन्होंने कहा कि भारत “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है और अपने मित्र देशों के साथ मिलकर साझा विकास के नए अवसर तैयार कर रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ लोगों के सपनों, मेहनत और आकांक्षाओं की सफलता की कहानी है.
कई अहम समझौतों पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री की जकार्ता यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 20 महत्वपूर्ण समझौतों और दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया. इन समझौतों का उद्देश्य रक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक, बुनियादी ढांचा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाना है.
रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग और गहरा हुआ है. इंडोनेशिया ने भारत में विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की संख्या बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसके अलावा, उसने भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ बियॉन्ड-विजुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है. इन मिसाइलों को भारत डायनामिक्स लिमिटेड की ओर से इंडोनेशिया के सुखोई-30 लड़ाकू विमानों में लगाया जाएगा.
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रणनीतिक साझेदारी को भी मिलेगा बढ़ावा
दोनों देशों ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास पर भी सहमति बनाई है. इसके अलावा, भारत इंडोनेशिया के 2029 के आम चुनावों के लिए वहां की जरूरतों के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन विकसित करने में तकनीकी सहयोग देगा. डिजिटल क्षेत्र में भी दोनों देशों ने ‘आईओएन’ नामक नई पहल शुरू करने की घोषणा की है, जिससे तकनीकी सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का रास्ता भी साफ किया. दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार और रक्षा सहयोग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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