पीएम मोदी मंगलवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच मौजूदा व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को नई गति देने पर मुख्य जोर रहेगा. खास तौर पर रक्षा, समुद्री सहयोग, क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), खाद्य सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है.
राष्ट्रपति प्रबोवो के विशेष भाव की पीएम मोदी ने की सराहना
बैठक से पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के उस विशेष और आत्मीय भाव की मुक्त कंठ से सराहना की, जिसमें उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पहुंचकर उनकी अगवानी की. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर लिखा कि राष्ट्रपति प्रबोवो का एयरपोर्ट पर स्वागत करने व्यक्तिगत रूप से आना उनके लिए बहुत गर्मजोशी और भावनाओं से भरा क्षण था. उन्होंने आगे लिखा-
“साल 2018 में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया गया था, जिसका सीधा लाभ दोनों देशों के लोगों को मिला है. इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो और मैं विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विस्तार से चर्चा करेंगे.”
जकार्ता में द्विपक्षीय प्रगति की होगी समीक्षा
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार दोपहर अपनी तीन देशों की आधिकारिक यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका भव्य स्वागत किया. यह प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा है, लेकिन दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद यह उनकी पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है. दोनों नेताओं के बीच होने वाली इस वार्ता में मई 2018 में स्थापित की गई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की भी बारीकी से समीक्षा की जाएगी.
संरक्षण कार्य की होगी शुरुआत
इस ऐतिहासिक बैठक के अलावा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित प्रसिद्ध ‘प्रमबानन मंदिर परिसर’ का भी विशेष दौरा करेंगे. यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है और यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. पीएम मोदी ने इस पर कहा कि यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि वह इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों (डायस्पोरा) से मिलने को लेकर भी बेहद उत्साहित हैं.
भारत के इंडोनेशिया में नियुक्त राजदूत के अनुसार, दोनों शीर्ष नेता इस दौरान प्रमबानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) कार्य की आधिकारिक शुरुआत की भी संयुक्त घोषणा कर सकते हैं.
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तीन देशों की यात्रा का पहला पड़ाव
गौरतलब है कि पिछले वर्ष राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो नई दिल्ली आए थे, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी से हुई थी. उस दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे. इंडोनेशिया प्रधानमंत्री मोदी की इस तीन देशों की यात्रा का पहला पड़ाव है; इसके बाद वह उच्चस्तरीय बैठकों के लिए ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे.
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