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‘1.4 अरब लोगों की उम्मीदें ही भारत की असली ताकत’, जकार्ता से पीएम मोदी का दुनिया को बड़ा संदेश

जकार्ता में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक संकटों के बावजूद भारत लगातार सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन की राह पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने भारत-इंडोनेशिया के ऐतिहासिक रिश्तों और 1.4 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताया…

PM Modi in Jakarta: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में प्रवासी भारतीयों के एक भव्य स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती ताकत का लोहा मनवाया है. पीएम मोदी ने वैश्विक मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि दुनिया भर में जारी तमाम बड़े संकटों और चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार एक के बाद एक कड़े सुधार कर रहा है, बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और बेहद तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने भारत की विकास यात्रा को परिभाषित करते हुए साफ लफ्जों में कहा कि आज भारत की रफ्तार का मतलब 1.4 अरब लोगों की आगे बढ़ती उम्मीदें और उनका अटूट भरोसा है. इस बेहद खास मौके पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का शामिल होना दोनों देशों के मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों की गवाही देता है.

ट्रांसफॉर्म के मंत्र से बदला देश का भरोसा

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत की यह तेज रफ्तार और अभूतपूर्व प्रगति कोई अचानक या रातों-रात नहीं आई है. इसके पीछे देश द्वारा लगातार लिए गए बड़े फैसले और कड़े आर्थिक व सामाजिक सुधार हैं. भारत सरकार आज ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मूल मंत्र के साथ काम कर रही है, जिसके सकारात्मक नतीजे अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहे हैं.

पीएम मोदी के मुताबिक, आज देश के सुदूर गांवों से लेकर बड़े महानगरों तक, हर एक भारतीय के भीतर आगे बढ़ने, अपनी पहचान बनाने और हर मोर्चे पर सफलता हासिल करने का एक नया और अटूट आत्मविश्वास पैदा हो चुका है.

भारत-इंडोनेशिया का सदियों पुराना रिश्ता

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया की तरक्की में प्रवासी भारतीय समुदाय के अमूल्य योगदान की जमकर सराहना की और उन्हें दोनों देशों के बीच दोस्ती की एक मजबूत सांस्कृतिक कड़ी बताया. उन्होंने दोनों देशों के सदियों पुराने और समृद्ध ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे महानदी में केले के तने से बनी छोटी नावें तैराने की भारतीय परंपरा हो, इंडोनेशिया में ‘वायांग कुलित’ के जरिए महाभारत और रामायण का जीवंत मंचन हो, या फिर वहां की जाने वाली ‘देवी श्री’ की पावन पूजा-हर एक परंपरा दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है. भारत आज पूरे आसियान (ASEAN) क्षेत्र में खुशहाली लाने के लिए एक प्रतिबद्ध सहयोगी की भूमिका निभा रहा है.

युद्ध के संकट के बीच भी नहीं थमी भारतीय इकोनॉमी

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंच पर भारत की धमक को रेखांकित करते हुए कहा कि आज भारत और इंडोनेशिया, दोनों ही देश विकास के लिए बेहद उत्सुक हैं और अब हमारे पास न रुकने का समय है और न ही ठहरने का मौका. जब कोरोना जैसी भीषण महामारी ने पूरी दुनिया की रफ्तार थाम दी थी, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती से चलती रही.

यही नहीं, जब पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में एक बड़ा भू-राजनीतिक संकट सामने आया, तब भी भारत ने अपनी आर्थिक रफ्तार को कम नहीं होने दिया. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जकार्ता के इस अद्भुत माहौल और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मिले विशेष स्नेह के लिए इंडोनेशिया का आभार जताया.

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-भारत एक्सप्रेस



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